सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह संकाय सदस्यों और छात्रों के बीच अकादमिक उत्कृष्टता और ज्ञान-साझाकरण की संस्कृति को सदैव बढ़ावा देते रहते हैं। निदेशक सिंह से प्रेरित होकर संकाय सदस्य विभन्न शोध कार्यों में असाधारण प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में, आर्थोपेडिक्स विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत पंकज मिश्रा को डेनमार्क की आरहस यूनिवर्सिटी में प्रतिष्ठित साइकोट स्पाइन स्पाइन फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। इस फेलोशिप के दौरान निदेशक मिश्रा ने रीढ़ की हड्डी से संबंधित उन्नत उपचार पद्धतियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया और इस क्षेत्र के वैश्विक विशेषज्ञों के साथ गहन संवाद किया। उन्होंने इस अवसर पर एम्स भोपाल में किए गए अपने शोध कार्य और चिकित्सा सेवाओं की प्रस्तुति भी दी।
डेनमार्क में अपने प्रवास के दौरान निदेशक मिश्रा ने बेहतर मरीज देखभाल के वैश्विक दृष्टिकोणों पर चर्चा की और आधुनिकतम उपचार विधियों के बारे में ज्ञान साझा किया। इस अनुभव से एम्स भोपाल में रीढ़ की बीमारियों के उपचार की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। इसके पश्चात निदेशक मिश्रा को स्विट्ज़रलैंड की बेसल यूनिवर्सिटी में भी स्पाइन फेलोशिप के लिए आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने रीढ़ रोगों की अत्याधुनिक चिकित्सा विधियों का प्रत्यक्ष अध्ययन किया। यह अनुभव उनके वैश्विक दृष्टिकोण को और समृद्ध करता है तथा एम्स भोपाल के ऑर्थोपेडिक विभाग की सशक्तता को दर्शाता है।
कुछ माह पूर्व ही पंकज मिश्रा को वियना में यूरोस्पाइन फेलोशिप से भी सम्मानित किया गया था, जो उनकी विशेषज्ञता और समर्पण का प्रमाण है। इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप न केवल नवीनतम तकनीकों को सीखने का अवसर प्रदान करती हैं, बल्कि विश्वभर में रोगियों की देखभाल के विभिन्न तरीकों को समझने का मंच भी देती हैं। इन फेलोशिप्स के माध्यम से अर्जित अनुभव व ज्ञान निदेशक मिश्रा के माध्यम से अब एम्स भोपाल के मरीजों को सीधे लाभ पहुंचाएगा, विशेष रूप से जटिल स्पाइन रोगों के उपचार में। इस अवसर पर प्रो. अजय सिंह ने कहा: “यह एम्स भोपाल के लिए गर्व की बात है कि निदेशक पंकज मिश्रा ने इतने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमारे संस्थान का प्रतिनिधित्व किया। इस प्रकार की फेलोशिप न केवल व्यक्ति की शैक्षणिक प्रगति को बढ़ावा देती हैं, बल्कि हमारी रोगी देखभाल की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाती हैं। निदेशक मिश्रा का यह अनुभव हमारे स्पाइन केयर सेवाओं को और अधिक उन्नत बनाएगा।”

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