सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का विकास ऐसा होना चाहिए, जो रचनाकारों और कलाकारों को सशक्त बनाए, न कि उनके हितों के खिलाफ काम करे। उन्होंने रचनात्मक क्षेत्र में एआई के बढ़ते उपयोग के बीच कलाकारों के अधिकारों और हितों की सुरक्षा पर जोर दिया।
मुरुगन ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और इसका प्रभाव फिल्म, संगीत, प्रसारण तथा अन्य रचनात्मक क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में एआई के इस्तेमाल और रचनात्मक कार्यों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है, ताकि तकनीकी प्रगति के साथ रचनाकारों को नए अवसर भी मिल सकें। उन्होंने कहा कि एआई को रचनाकारों का विकल्प बनाने के बजाय उनकी क्षमताओं को बढ़ाने वाले साधन के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके लिए कॉपीराइट, पारिश्रमिक और रचनात्मक सामग्री के उचित उपयोग से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट व्यवस्था की जरूरत है।
केंद्रीय मंत्री ने रचनात्मक उद्योग में तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य की एआई व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें नवाचार के साथ कलाकारों और रचनाकारों के अधिकारों का भी संरक्षण हो।
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