सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत में AI आधारित सर्च को लेकर लोगों की रुचि तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके वास्तविक इस्तेमाल का स्तर अभी उतना अधिक नहीं है। इंटरनेट यूजर्स अब पारंपरिक सर्च इंजन के साथ ChatGPT, Gemini और दूसरे AI टूल्स के जरिए जानकारी हासिल करने के विकल्पों को भी समझ रहे हैं।

AI सर्च में उपयोगकर्ता केवल कीवर्ड डालने के बजाय सामान्य भाषा में सवाल पूछ सकता है। इसके बाद सिस्टम अलग-अलग स्रोतों से जानकारी समझकर जवाब देने की कोशिश करता है। इससे जटिल विषयों पर जानकारी जुटाना, तुलना करना और किसी सवाल का शुरुआती उत्तर पाना आसान हो सकता है।

हालांकि, AI सर्च के बढ़ते इस्तेमाल के साथ गलत या अधूरी जानकारी की चुनौती भी बनी हुई है। AI टूल्स कभी-कभी ऐसे जवाब दे सकते हैं जिनमें तथ्यात्मक त्रुटियां हों या जिनका स्रोत स्पष्ट न हो। इसलिए स्वास्थ्य, कानून, वित्त और सरकारी योजनाओं जैसे संवेदनशील विषयों पर AI से मिली जानकारी को आधिकारिक स्रोतों से जांचना जरूरी है।

भारत में स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच बढ़ने के साथ AI आधारित सेवाओं के लिए बड़ा संभावित बाजार मौजूद है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में AI सर्च का उपयोग बढ़ सकता है, लेकिन इसके लिए लोगों में डिजिटल साक्षरता और AI की सीमाओं की समझ भी जरूरी होगी।


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