सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी पोर्ट्स ने आज यानी गुरुवार (2 मई) को Q4FY24 यानी फाइनेंशियल ईयर 2024 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट, यानी शुद्ध मुनाफा सालाना आधार (YoY) पर 76.87% बढ़कर ₹2,014.77 करोड़ रहा।

पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा ₹1,139.07 करोड़ रहा था। वहीं पिछली तिमाही (Q3FY24) में यह ​​​₹2,208.21 करोड़ रहा था। यानी तिमाही आधार (QoQ) पर कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 8.76% घटा है।

अडाणी पोर्ट्स ने 6 रुपए का लाभांश देने का किया ऐलान

रिजल्ट के साथ ही अडाणी पोर्ट्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपने निवेशकों को प्रति शेयर 6 रुपए का डिवेडेंड, यानी लाभांश देने की भी मंजूरी दी है। कंपनियां अपने शेयरधारकों को मुनाफे का कुछ हिस्सा देती हैं, उसे डिविडेंड कहते हैं।

कंपनी का रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹6,896.50 करोड़ रुपए रहा

ऑपरेशंस से चौथी तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू (आय) सालाना आधार पर 19% बढ़कर ₹6,896.50 करोड़ रुपए रहा। पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी अवधि में ये ₹5,796.85 करोड़ रुपए रहा था।

पिछली तिमाही (Q3FY24) में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ​​​₹6,920.10 करोड़ रहा था। यानी तिमाही आधार (QoQ) पर कंपनी का रेवेन्यू 0.34% घटा है।

पूरे वित्त वर्ष में मुनाफे में 50% की बढ़ोतरी

पूरे वित्त वर्ष में कंपनी के कंसॉलिडेटेड मुनाफे में 50.32% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। FY24 में कंपनी का कंसॉलिडेटेड मुनाफा 8,103.99 करोड़ रुपए रहा है। पिछले वित्त वर्ष यानी FY23 में अडाणी पोर्ट्स का मुनाफा 5,390.85 करोड़ रुपए रहा था।

देश का सबसे बड़ा पोर्ट ऑपरेटर है अडाणी पोर्ट्स

अडाणी पोर्ट्स भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर और एंड-टु-एंड लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर है। इसके 13 पोर्ट और टर्मिनल देश की पोर्ट कैपेसिटी का करीब 24% का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसकी कैपेसिटी 580 MMTPA है। पहले इसका नाम गुजरात अडाणी पोर्ट लिमिटेड (GAPL) था।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में कार्गो वॉल्यूम 460 से 480 मीट्रिक टन के बीच रखने का टारगेट तय किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 23% ज्यादा है। वित्त वर्ष 2024 के लिए कंपनी ने 390 मिट्रिक टन का टारगेट रखा था। कंपनी के मुंद्रा पोर्ट से पिछले वित्त वर्ष में 180 मिलियन मिट्रिक टन (MMT) कार्गो का ट्रांसपोर्टेशन हुआ था। कंपनी ने इसका भी टारगेट बढ़ाकर मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 180 MMT का टारगेट रखा है।