सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: बिलेनियर गौतम अडाणी के परिवार ने अंबुजा सीमेंट में 6,661 करोड़ रुपए निवेश किया है, जिससे सीमेंट बनाने वाली कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 3.6% बढ़कर 66.7% हो गई है। अंबुजा सीमेंट ने एक्सचेंज फाइलिंग में इसके बारे में जानकारी दी है।
इससे पहले अक्टूबर 2022 में वारंट के माध्यम से अडाणी फैमिली ने अंबुजा सीमेंट्स में 5,000 करोड़ रुपए का निवेश किया था। अधिग्रहण के बाद कंपनी के प्रमोटरों ने अब तक अंबुजा में 11,661 करोड़ रुपए निवेश किए हैं।
कंपनी ने कहा कि इस निवेश से उसकी फाइनेंशियल सिचुएशन मजबूत होगी और हम डेवलपमेंट प्लान को आगे बढ़ाने के साथ इमर्जिंग अपॉर्चुनिटी का फायदा उठा सकेंगे। अडाणी ग्रुप ने जून 2022 में 10.5 बिलियन डॉलर में अंबुजा सीमेंट और ACC सीमेंट को खरीदा था।
यह विजन और बिजनेस मॉडल में दृढ़ विश्वास का प्रमाण
अंबुजा सीमेंट के CEO अजय कपूर ने कहा,’हम अडाणी फैमिली के हिस्सेदारी बढ़ाने के फैसले की घोषणा करते हुए रोमांचित हैं। यह फंड अंबुजा को फास्ट-ट्रैक ग्रोथ के लिए कैपिटल फ्लेक्सिबिलिटी प्रोवाइड करता है।
यह न केवल हमारे विजन और बिजनेस मॉडल में दृढ़ विश्वास का प्रमाण है, बल्कि हमारे स्टेकहोल्डर्स को लॉग टर्म सस्टेनेबल वैल्यू क्रिएशन प्रोवाइड करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।’
अंबुजा सीमेंट के शेयर में 2% से ज्यादा की तेजी
अंबुजा सीमेंट के शेयर में आज 2% से ज्यादा की तेजी देखने को मिल रही है। दोपहर 1 बजे कंपनी का शेयर 2.19% तेजी के साथ 614 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पिछले 6 महीनों में अंबुजा सीमेंट के शेयर में 46% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है।
वॉरंट क्या होता है?
वॉरंट एक तरह का फाइनेंशियल कॉन्ट्रेक्ट होता है। कंपनियां इसका इस्तेमाल फंड रेज करने के लिए करती है। ये निवेशकों को एक्सपायरेशन से पहले एक निश्चित कीमत पर उस कंपनी के निश्चित शेयर खरीदने या बेचने का अधिकार देता है।
भारतीय और अमेरिकी वॉरंट किसी भी समय एक्सपायरी डेट पर या उससे पहले एग्जीक्यूट किए जा सकते हैं, जबकि यूरोपीय वॉरंट केवल एक्सपायरी डेट पर ही एग्जीक्यूट हो सकते हैं। शेयर खरीदने का अधिकार देने वाले वॉरंट को कॉल वारंट कहा जाता है। वहीं, शेयर बेचने का अधिकार देने वालों को पुट वॉरंट के रूप में जाना जाता है।