सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दुनिया में अभी दो जगह जंग चल रही है। रुस-यूक्रेन के बीच और इजराइल-फिलिस्तीन के बीच। इन जंगों से बने जियो पॉलिटिकल टेंशन के कारण सोने-चांदी के दाम ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए हैं। वहीं ईरान की ओर से इजराइल पर किए मिसाइल अटैक से टेंशन और ज्यादा बढ़ गई है।

ऐसे में सेफ इन्वेस्टमेंट माने जाने वाले सोने-चांदी के दाम में आज भी बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन फिलहाल यह 442 रुपए गिरकर 72,735 रुपए पर कारोबोर कर रहा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट के मुताबिक, शुक्रवार को 10 ग्राम सोना 1,351 रुपए महंगा होकर पहली बार 73,174 रुपए का हो गया था।

चांदी में भी आज गिरावट है। यह 413 रुपए गिरकर 83,506 रुपए पर कारोबार कर रही है। शुक्रवार को एक किलो चांदी का भाव 1,476 रुपए बढ़कर 83,819 रुपए हो गया था। साल 2024 में अब तक सोने के दाम 9,430 रुपए बढ़ चुके हैं। 1 जनवरी को सोना 63,302 रुपए पर था। वहीं, चांदी भी 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम थी।

ऐसे में आज की इस स्टोरी में हम बता रहे हैं कि युद्ध या मंदी जैसी स्थिति में सोने-चांदी की कीमतें क्यों बढ़ जाती हैं? बीते सालों में हुई जंग और मंदी में सोने-चांदी का क्या ट्रेंड रहा है? सोने चांदी को इतना सेफ इन्वेस्टमेंट क्यों माना जाता है?

युद्ध या मंदी जैसी स्थिति में सोने-चांदी की कीमतें क्यों बढ़ जाती हैं?

कोई भी जंग जियोपॉलिटिकल इक्वेशन्स खराब कर सकती है। ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित कर सकती है, महंगाई बढ़ा सकती है और फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट में लोगों के भरोसे को कम कर सकती है। ऐसे में कई लोग और यहां तक ​​कि सरकारें भी पोर्टफोलियो में गोल्ड बढ़ाते हैं। डिमांड बढ़ने से दामों में तेजी आती है।

बीते सालों में हुई जंग और मंदी में सोने-चांदी का क्या ट्रेंड रहा है?

जंग के दौरान सोने की कीमतों में हमेशा उछाल देखा गया है। 1990-91 के दौरान गल्फ वॉर के दौरान सोने की कीमतों में उछाल आया था, लेकिन यह शॉर्ट टर्म था। इसी तरह 2003 में इराक युद्ध के दौरान सोने की कीमतों में तेजी आई थी।

कोरोना महामारी को कारण भारत समेत अन्य देशों में मार्च 2020 में लॉकडाउन लगा था। तब 10 ग्राम सोने के दाम 41,000 रुपए के करीब थे। अगस्त तक दाम बढ़कर 55,000 के करीब तक पहुंच गए। हालांकि, बाद में इसमें गिरावट आई थी। दाम 50,000 से नीचे आ गए थे।

रूस-यूक्रेन जंग के समय भी सोने में तेजी आई। 24 फरवरी 2022 को रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ था। 7 मार्च 2022 को सोने की कीमतों में लगभग ₹1000/10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई। 22 कैरेट सोने की कीमत ₹49,400/10 ग्राम और 24 कैरेट सोने की कीमत ₹53,890/10 ग्राम हो गई।

इजराइल-हमास जंग 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई थी। तब सोने की कीमत 57,000 के करीब थी। 1 नवंबर तक कीमत बढ़कर 61,000 के करीब पहुंच गई। वहीं 1 जनवरी को कीमत 63,000 और अब 10 ग्राम सोने की कीमत 73,000 के पार पहुंच गई है।