आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पोर्शे 911 स्पोर्ट्स कार समुद्र तल से 6,734 मीटर (करीब 22,093 फीट) की ऊंचाई पर पहुंचने वाली दुनिया की पहली कार बन गई है। ये वर्ल्ड रिकॉर्ड 2 दिसंबर को रोमेन डुमास ने चिली में ओजोस डेल सालाडो ज्वालामुखी के पश्चिमी रिज के टॉप पर पहुंच कर बनाया।
इससे पहले ये रिकॉर्ड यूनिमोग ट्रकों के एक पेयर के नाम था, जो 2020 में चिली के इसी ओजोस डेल सलाडो ज्वालामुखी पर समुद्र तल से 6,694 मीटर (करीब 21,962 फीट) की हाइट पर पहुंच पाया था।
एनवायरनमेंट में ढलने के लिए दो हफ्ते प्रेक्टिस की गई
हाई एल्टीट्यूड के एनवायरनमेंट में ढलने के लिए दो हफ्ते प्रेक्टिस की गई। इसके बाद, नया रिकॉर्ड बनाने के लिए जर्मन ऑटोमेकर की ओर से दो कारों ने शनिवार, 2 दिसंबर की सुबह 3:30 बजे अपनी जर्नी शुरू की और 3:58 बजे शिखर पर चढ़ गईं।
शून्य से 20 डिग्री नीचे था तापमान
तीन बार के ले मैन्स रेस के चैंपियन, डुमास और उनकी टीम को यह उपलब्धि को हासिल करने के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिसमें से एक फ्रीजिंग पाइंट यानी शून्य से 20 डिग्री सेल्सियस नीचे का तापमान भी शामिल था।
ठंडे तापमान, पतली हवा और क्षेत्र की सुदूरता जैसी कठिन परिस्थितियों के कारण पोर्शे के पास दो डॉक्टर भी थे। पॉर्श 911 को चलाने वाले डुमन को एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने मदद की, जिसमें चिली, फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, कनाडा और स्विटजरलैंड के सदस्य शामिल थे।
पोर्शे 911 कैरेरा 4S पर बेस्ड मॉडल में कई चेंजेस किए
मैकेनिकल चेंजेस : इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए पोर्शे 911 कैरेरा 4S पर बेस्ड मॉडल का इस्तेमाल किया गया और इनमें कई चेंजेस किए गए। इनमें स्टॉक 3.0-लीटर का 6 सिलेंडर बॉक्सर इंजन था जो 438 BHP की पावर जनरेट करता है। इसमें गियर रेशो को छोटा किया गया, जिससे कम स्पीड पर सटीक और सॉप्ट थ्रॉटल इनपुट हासिल करने मदद मिली। एक और बड़ा बदलाव स्टीयर-बाय-वायर को अपनाना था, इसने उबड़-खाबड़ इलाकों में हैंडलिंग को और अधिक सटीक बना दिया।
हार्डवेयर चेंजेस : दोनों कारें कार्बन फाइबर सीटों और पांच-पॉइंट हार्नेस से लैस थीं। उनकी कहीं भी जाने की कैपेसिटी को बढ़ाने और चट्टानों पर चढ़ते समय क्षतिग्रस्त न हो इसके लिए, पोर्टल एक्सल जोड़कर ग्राउंड क्लीयरेंस को 350mm तक बढ़ाया गया। इसके अलावा कारों को चट्टानों पर फिसलने से बचाने के लिए स्पेशल हल्के, लेकिन बेहद मजबूत अरामिड फाइबर से बनी अंडरबॉडी सेफ्टी लगाई गई थी। पोर्शे के सहयोग से आरडी लिमिटेड द्वारा डेपलप दोनों कारों का निकनेम ‘डोरिस और एडिथ’ रखा गया।