सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बनाने वाली कंपनी टेस्ला के मालिक एलन मस्क अपनी भारत यात्रा के दौरान देश में 48 घंटे यानी 2 दिन का समय बिताएंगे। CNBC-TV18 ने शुक्रवार (12 अप्रैल) को अपनी एक रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी है।
सीएनबीसी-टीवी18 के सूत्रों के मुताबिक, एलन मस्क अपनी इस यात्रा के दौरान टेस्ला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट समेत अन्य कई बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं, जिसमें भारत में स्टारलिंक सर्विसेज शुरू करने का प्लान भी शामिल है।
एलन मस्क 21 और 22 अप्रैल को भारत में रहेंगे
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एलन मस्क 21 और 22 अप्रैल को भारत में रहेंगे। इस दौरान एलन मस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा टेस्ला के CEO और उनकी टीम सरकारी अधिकारियों और इंडस्ट्री रिप्रेजेंटेटिव्स से मुलाकात करेगी।
PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूं: मस्क
मस्क ने 10 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर कर कहा था, ‘भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूं।’
मोदी और मस्क अब तक 2 बार मिल चुके हैं
मस्क की यह पहली भारत यात्रा होगी। मस्क इस दौरान भारत में टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का ऐलान भी कर सकते हैं। मोदी और मस्क अब तक 2 बार मिल चुके हैं। दोनों कि 2015 में कैलिफोर्निया में टेस्ला फैक्ट्री में मुलाकात हुई थी। इसके बाद जून 2023 में दोनों न्यूयॉर्क में मिले थे।
भारत में 2-3 बिलियन डॉलर का निवेश करेंगे मस्क
CNBC-TV18 ने बताया कि एलन मस्क भारत में 2-3 बिलियन डॉलर का निवेश करने के प्लान की घोषणा करेंगे। टेस्ला न केवल भारत के लिए कारों की मैन्युफैक्चरिंग करना चाहती है, बल्कि यहां से उन्हें ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट भी करना चाहती है।
इसके अलावा मस्क भारत में जल्द ही सैटेलाइट बेस्ड ब्रॉडबैंड सर्विसेज भी शुरू कर सकते हैं। CNBC-TV18 ने बताया कि स्टारलिंक के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल्स फाइनल स्टेज में है और कंपनी को जल्द ही लाइसेंस मिलने की उम्मीद है।
मस्क बोले- भारत में भी दूसरे देश की तरह EV होनी चाहिए
मस्क ने इस हफ्ते X पर कहा था कि भारत में इलेक्ट्रिक कारें होनी चाहिए जैसे कि हर दूसरे देश में हैं। भारत में टेस्ला इलेक्ट्रिक व्हीकल उपलब्ध कराना जरूरी हो गया है। मस्क ऐसे समय भारत आ रहे हैं, जब यहां चुनाव होने हैं। वहीं इस समय अमेरिकी और चीनी बाजारों में ईवी डिमांड धीमी हुई है। चीनी व्हीकल्स से भी टेस्ला को कॉम्पिटिशन मिल रहा है।
कार मैन्युफैक्चरिंग और बैटरी स्टोरेज प्लांट लगाना चाहती है टेस्ला
3 अप्रैल को ब्रिटेन के फाइनेंशियल टाइम्स ने बताया था कि टेस्ला इस महीने भारत में एक टीम भेजेगी, जो देश में 2 से 3 बिलियन डॉलर (₹16 हजार करोड़ से ₹25 हजार करोड़) के इलेक्ट्रिक कार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए जगह की तलाश करेगी।
रिपोर्ट में बताया गया था कि इलेक्ट्रिक कार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए टीम का फोकस महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु जैसे ऑटोमोटिव हब वाले राज्यों पर होगा। इसकी वजह इन राज्यों के पोर्ट (बंदरगाह) हैं, जहां से कारों का एक्सपोर्ट आसान होगा।
टेस्ला भारत में इलेक्ट्रिक कार के साथ बैटरी स्टोरेज सिस्टम भी बनाना और बेचना चाहती है। कंपनी ने इसके लिए भारतीय अधिकारियों के पास एक प्रपोजल दिया था।
2022 में टेस्ला और सरकार के बीच नहीं बनी थी बात
2022 में टेस्ला ने भारत आने की इच्छा जताई थी, लेकिन तब कंपनी और सरकार के बीच बात नहीं बन पाई थी। टेस्ला ने सरकार से पूरी तरह से असेंबल गाड़ियों पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 100% से घटाकर 40% करने की मांग की थी।
कंपनी चाहती थी कि उसकी गाड़ियों को लग्जरी नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक व्हीकल माना जाए, लेकिन सरकार ने कहा था कि दूसरे देशों से इंपोर्ट किए जाने वाले किसी भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी माफ या कम करने का कोई भी इरादा नहीं है।
सरकार ने कहा था कि अगर टेस्ला भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का कमिटमेंट करती है तो इंपोर्ट पर छूट देने पर विचार किया जाएगा। हालांकि मस्क चाहते थे कि पहले भारत में कारों की बिक्री की जाए, इसके बाद प्लांट लगाने पर विचार किया जाएगा।