आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : लंबे समय तक ब्याज भुगतान से बचने के लिए लोग लोन का प्री-पेमेंट करने के ऑप्शन खंगालते रहते हैं। EPF खाते में पड़ी रकम इसका एक विकल्प हो सकती है। लेकिन क्या रिटायरमेंट फंड की रकम से होम लोन चुकाना सही है? ये इस पर निर्भर करता है कि दोनों में से किसकी ब्याज दर ज्यादा है।

ब्याज का अंतर और अपनी उम्र देखें

यदि होम लोन की ब्याज दर EPFके रेट से ज्यादा हो तो इसकी रकम से लोन का प्री-पेमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा यदि आप करिअर के शुरुआती दौर में हैं तो भी ये विकल्प अपना सकते हैं क्योंकि आपके पास पैसे जमा करने के लिए लंबा समय होगा।

90% तक राशि निकालने की अनुमति

EPFO होम लोन चुकाने के लिए जमा राशि का अधिकतम 90% निकालने की अनुमति देता है। इसके लिए 10 साल की सर्विस पूरी होनी चाहिए। ये भी ध्यान रखें कि होम लोन किसी राष्ट्रीय बैंक, रजिस्टर्ड को-ऑपरेटिव, नेशनल हाउसिंग बोर्ड जैसे संस्थाओं से लिया गया हो। होम लोन रिपेमेंट स्कीम के तहत EPFO मेंबर अपने अकाउंट से EMI चुका सकते हैं।

होम लोन चुकाने के लिए पैसा कैसे निकाले?

EPFO ई-सेवा पोर्टल में लॉगिन करें।

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर और पासवर्ड डालें।

ऑनलाइन सर्विसेज पर क्लिक करें।

फॉर्म 31 के जरिए क्लेम करें।

अपनी बैंक डिटेल सत्यापित करें।

पैसे निकलने का कारण सिलेक्ट करें।

सम्बंधित दस्तावेज अपलोड करें।

जब तक बहुत जरूरी न हो PF फंड से न निकालें पैसा

मनी मैनेजमेंट एक्सपर्ट का मानना है कि जब तक बहुत जरूरी न होने पर PF से पैसे निकालने से बचना चाहिए। इस पर 8.15% की दर से ब्याज मिल रहा है। जितनी बड़ी रकम PF से निकाली जाएगी, रिटायरमेंट फंड पर उतना ही बड़ा असर पड़ेगा।

कितना कटता है पीएफ?

नियमों के मुताबिक, सैलरी पाने वाले लोगों को अपने वेतन और महंगाई भत्ते की 12% रकम PF खाते में योगदान करना अनिवार्य होता है। वहीं कंपनी की ओर से जमा की जाने वाली राशि में से 3.67% EPF में जमा होता है। बाकी 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा हो जाता है।।