सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : हूतियों के खिलाफ जंग में शामिल होगा पाकिस्तान? सऊदी से मदद लेने पर शरीफ-मुनीर पर उठे सवाल
सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग को लेकर क्षेत्रीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की सऊदी अरब के साथ बढ़ती नजदीकी के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल होगा या उसका उद्देश्य सऊदी अरब से आर्थिक और रक्षा सहायता हासिल करना है।
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लंबे समय से दबाव में रही है और उसे सऊदी अरब से वित्तीय सहायता, निवेश तथा तेल संबंधी सुविधाएं मिलती रही हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को इस्लामी दुनिया की क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
हालांकि, सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते का अर्थ यह नहीं है कि पाकिस्तान को हूती विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध में उतरना ही होगा। किसी सैन्य कार्रवाई में भागीदारी का फैसला संबंधित समझौतों, क्षेत्रीय परिस्थितियों और पाकिस्तान सरकार की नीति पर निर्भर करेगा।
पाकिस्तानी पत्रकार ने क्या सवाल उठाए? पाकिस्तान की सैन्य तैनाती और सऊदी अरब से आर्थिक सहयोग को लेकर आलोचकों ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में किसी पाकिस्तानी पत्रकार के इस विशिष्ट दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है कि शरीफ और मुनीर केवल आर्थिक सहायता हासिल करना चाहते हैं। पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और कहा है कि वह क्षेत्रीय शांति के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देता है।
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