सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कर्नाटक की ‘आशा किरण’ पहल की सराहना की
बेंगलुरु। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कर्नाटक सरकार और वनसाइट एस्सिलोरलक्सोटिका फाउंडेशन की संयुक्त पहल ‘आशा किरण’ की सराहना की है। इस कार्यक्रम को समेकित और जन-केंद्रित नेत्र देखभाल सेवाओं के विस्तार का प्रभावी उदाहरण माना गया है। इसका उद्देश्य समुदायों तक आंखों की जांच, चश्मे और आवश्यक उपचार की सुविधाएं पहुंचाना तथा रोकी जा सकने वाली दृष्टिहीनता को कम करना है। विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर आठ अक्टूबर 2026 को जारी रिपोर्ट में इस पहल को सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में नेत्र देखभाल सेवाओं को प्रभावी ढंग से शामिल करने वाले मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
393 दृष्टि केंद्रों के माध्यम से मिल रही सेवाएं ‘आशा किरण’ कार्यक्रम के अंतर्गत कर्नाटक में 393 स्थायी दृष्टि केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों को राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा गया है। कार्यक्रम के तहत लगभग 40,000 मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा कार्यकर्ताओं) को घर-घर जाकर दृष्टि जांच करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। जारी आंकड़ों के अनुसार, इस पहल के माध्यम से अब तक 1.4 करोड़ से अधिक लोगों की प्रारंभिक दृष्टि जांच की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, 4.5 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए गए हैं और 2.5 लाख से अधिक मोतियाबिंद की शल्यक्रियाओं में सहायता मिली है। ये आंकड़े समुदाय आधारित नेत्र देखभाल सेवाओं के व्यापक विस्तार को दर्शाते हैं।
तीन स्तरों पर काम करती है व्यवस्था इस कार्यक्रम के अंतर्गत तीन स्तरों पर सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। पहले स्तर पर आशा कार्यकर्ता समुदायों में लोगों की प्रारंभिक दृष्टि जांच करती हैं। दूसरे स्तर पर दृष्टि केंद्रों में आंखों की विस्तृत जांच और चश्मे उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। तीसरे स्तर पर मोतियाबिंद की शल्यक्रिया और आंखों से संबंधित जटिल समस्याओं के उपचार के लिए मरीजों को जिला अस्पतालों तथा अन्य उपयुक्त स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जाता है। वनसाइट एस्सिलोरलक्सोटिका फाउंडेशन ने इस पहल के विकास और प्रारंभिक क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग दिया है। इसमें प्रशिक्षण, उपकरण, विशेषज्ञता और दृष्टि देखभाल संबंधी बुनियादी सुविधाओं के विकास में सहायता शामिल है।
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