सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नई दिल्ली। रूस के साइबेरिया क्षेत्र में न्यूमोनिक प्लेग की आशंका ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। इरकुत्स्क स्थित एक प्लेग अनुसंधान संस्थान की 28 वर्षीय कर्मचारी की गंभीर निमोनिया के बाद मौत हुई। इसके बाद उसके संपर्क में आए करीब 200 लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। हालांकि, रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों ने अब तक मौत का कारण प्लेग होने की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
न्यूमोनिक प्लेग यर्सिनिया पेस्टिस नामक जीवाणु से होने वाली बीमारी है। यह प्लेग का गंभीर रूप है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली श्वसन बूंदों के जरिए करीबी संपर्क में दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्लेग का इलाज उपलब्ध है और समय पर सही एंटीबायोटिक मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, खांसी, सांस लेने में परेशानी और सीने में दर्द शामिल हो सकते हैं। कुछ मामलों में खांसी के साथ खून या पानी जैसा बलगम भी आ सकता है। न्यूमोनिक प्लेग तेजी से गंभीर हो सकता है, इसलिए ऐसे लक्षणों के साथ संभावित संपर्क या जोखिम का इतिहास होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
इलाज में चिकित्सक की निगरानी में उपयुक्त एंटीबायोटिक दिए जाते हैं। संदिग्ध मरीज के नमूनों की प्रयोगशाला जांच की जाती है और गंभीर संक्रमण की आशंका होने पर जांच के अंतिम परिणाम की प्रतीक्षा किए बिना उपचार शुरू किया जा सकता है। करीबी संपर्क में आए लोगों को भी चिकित्सकीय निगरानी और जरूरत पड़ने पर बचाव के लिए दवा दी जा सकती है। रूस के मामले में फिलहाल घबराने के बजाय आधिकारिक स्वास्थ्य सूचनाओं पर भरोसा करना जरूरी है। रूसी अधिकारियों के अनुसार अभी तक व्यापक स्तर पर न्यूमोनिक प्लेग संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका और यूरोपीय स्वास्थ्य अधिकारी भी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
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