सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विश्वरंग जैसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच पर प्रसिद्ध बैंड ग्रुप कलेक्टिव क्वायर की सांगीतिक प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड ने अपने कलात्मक प्रदर्शन से संगीत की विभिन्न शैलियों को एक सूत्र में पिरोया, जो सांस्कृतिक सद्भाव का एक बेहतरीन उदाहरण था।


प्रस्तुति की शुरुआत गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के कालजयी और प्रेरणादायक गीत ‘एकला चलो रे’ से हुई, जिसने दर्शकों में नई ऊर्जा का संचार किया। इसके तुरंत बाद, बैंड ने अपने फेस्टिवल के इंटरनेशनल स्वरूप को देखते हुए सिग्नेचर स्टाइल में एक अनूठा इंटरनेशनल फ्यूजन गीत पेश किया। इस फ्यूजन में एड शीरन के वैश्विक हिट ‘शेप ऑफ यू’ का तालमेल लोकप्रिय लोकगीत ‘झुमका गिरा रे बरेली के बाजार में’और “गोथिलो गोथिलो” गीत के साथ बिठाया गया, जिसने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।


बॉलीवुड के रंग और दिल को छूते नगमे
फ्यूजन के बाद, कलेक्टिव क्वायर ने बॉलीवुड के सदाबहार गीतों से महफिल लूट ली। उन्होंने फिल्म ‘ताल’ का मधुर गीत ‘ताल से ताल मिला’ प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्होंने रोमांटिक गीतों की श्रृंखला पेश की, जिसमें ‘दिल का राज कहता हूं…’ और शाहरुख खान अभिनीत फिल्म ‘दिलवाले’ का भावपूर्ण गीत ‘रंग दे मोहे गेरूआ’ शामिल था।
कलेक्टिव क्वायर की यह प्रस्तुति संगीत की सीमाओं को पार करने और विभिन्न शैलियों को एक साथ लाकर दर्शकों के दिलों में जगह बनाने का एक सफल प्रयास रही।

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