सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने रणजी ट्रॉफी के दौरान भारत-ए टीम के न्यूजीलैंड दौरे के कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि घरेलू क्रिकेट के सबसे अहम प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट के साथ अंतरराष्ट्रीय दौरा आयोजित करने से रणजी ट्रॉफी की अहमियत कम हो सकती है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यक्रम निर्धारण पर चिंता जताई है।भारत-ए टीम 24 अक्टूबर से न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ चार दिवसीय मुकाबलों की श्रृंखला खेलेगी। इस दौरे में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, साई सुदर्शन और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इन मुकाबलों का उद्देश्य खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव देना और आगामी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट श्रृंखला के लिए तैयार करना है।
हालांकि, रणजी ट्रॉफी का 2026-27 सत्र 11 अक्टूबर से शुरू हो चुका है। ऐसे में दोनों प्रतियोगिताओं के कार्यक्रम में टकराव होने से घरेलू टीमों को अपने प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। वेंगसरकर की चिंता इसी बात को लेकर है कि यदि प्रतिभाशाली और अनुभवी खिलाड़ी घरेलू मुकाबलों के दौरान बाहर रहते हैं, तो रणजी ट्रॉफी की प्रतिस्पर्धा और महत्व प्रभावित हो सकता है।
भारत-ए का न्यूजीलैंड दौरा खिलाड़ियों के विकास और विदेशी परिस्थितियों में अभ्यास के लिहाज से उपयोगी है, लेकिन इसके साथ घरेलू क्रिकेट के हितों का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। वेंगसरकर के बयान ने एक बार फिर यह बहस शुरू कर दी है कि भारतीय क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय तैयारी और घरेलू प्रतियोगिताओं को किस तरह बेहतर तालमेल के साथ आयोजित किया जाना चाहिए।
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