सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / गुजरात / वडोदरा   : गुजरात के  में महिसागर नदी पर बने पुल के ढहने से मौतों का आंकड़ा 15 तक पहुंच गया है। अब यह हादसा सरकारी लापरवाही की पोल खोलता नजर आ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता लखन दरबार ने दावा किया है कि उन्होंने तीन साल पहले पुल की जर्जर हालत की सूचना अधिकारियों को दी थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

मुख्य बिंदु:

एक्टिविस्ट लखन दरबार ने 2022 में दी थी चेतावनी,  ऑडियो क्लिप में पुल की कमजोर हालत का खुलासा

‘युवा सेना’ संगठन के जरिए किया था अनुरोध, R&B विभाग पर लापरवाही का आरोप

मामला क्या है?

वडोदरा जिले को आणंद से जोड़ने वाला महिसागर नदी का पुल बुधवार को ढह गया। इस दौरान कई वाहन नदी में गिर गए और अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे के बाद एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रही है जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता लखन दरबार पुल की हालत को लेकर अधिकारियों से बात करते सुने जा सकते हैं।

लखन का कहना है कि उन्होंने अगस्त 2022 में पुल की मरम्मत या नया पुल बनाने की सिफारिश की थी। उन्होंने संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को लिखित व मौखिक रूप से जानकारी दी, लेकिन सरकारी मशीनरी ने उनकी बात नजरअंदाज कर दी।

ऑडियो क्लिप में क्या है?

ऑडियो में अधिकारी यह स्वीकार करते हैं कि “पुल बहुत पुराना है और ज्यादा समय नहीं टिक पाएगा”, इसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया।

जिला पंचायत सदस्य हर्षद सिंह परमार ने भी पुल की हालत को लेकर पत्र लिखा था।

विभाग की सफाई:

R&B विभाग के कार्यकारी अभियंता नैनीश नायकवाला ने सफाई दी है कि “पुल को बंद करने की कोई मांग प्राप्त नहीं हुई थी और सर्वेक्षण में कोई समस्या नहीं पाई गई थी।”

नतीजा:

चार दशक पुराने पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे बड़ी संख्या में वाहन नदी में गिर गए और दर्जनों जानें चली गईं। लोगों द्वारा लंबे समय से की जा रही कंपन की शिकायतों को भी अनसुना कर दिया गया था।

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