सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल: उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर, 2026 को होगा। अंतिम सीट पर मुकाबले को लेकर राजनीतिक गणित पर सबकी नजर है। निर्वाचन आयोग ने 22 सितंबर को कार्यक्रम घोषित किया था और मतगणना भी 16 अक्टूबर को ही तय है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा संख्या-स्थिति भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन को कई सीटें दिलाने के अनुकूल है, जबकि समाजवादी पार्टी दो सीटें जीतने की स्थिति में मानी जा रही है। लागू प्राथमिकता आधारित मतदान प्रणाली के तहत राज्यसभा उम्मीदवार को जीत के लिए करीब 37 वोटों की जरूरत होगी।

खाली हो रहीं 10 सीटों में से आठ अभी भाजपा सदस्यों के पास हैं, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास है। बसपा का राज्यसभा प्रतिनिधित्व भी दांव पर है, क्योंकि उसके सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है।

मुख्य राजनीतिक गणना बची हुई सीट को लेकर है। रिपोर्टों के अनुसार, यदि सपा तीसरा उम्मीदवार उतारने का फैसला करती है, तो उसे अपनी मौजूदा विधायक संख्या से अधिक समर्थन जुटाना होगा। पार्टी के पास करीब 97 विधायक हैं, जबकि विधानसभा की प्रभावी संख्या फिलहाल 397 है।

भाजपा भी इस चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन पर विचार कर रही है। रिपोर्टों में कहा गया है कि पार्टी के भीतर जातीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं पर भी चर्चा हो सकती है।

यह राज्यसभा चुनाव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले हो रहा है। ऐसे में अक्टूबर का मुकाबला दलों के लिए विधायी अंकगणित, उम्मीदवार चयन और गठबंधन समन्वय की परीक्षा भी होगा।


Hashtags: #उततरपरदश #रजयसभच #भजप #समजवदप #बसप #उततरपरद #16अकटबर #वधनसभस #यपरज #UttarPradeshState