सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए “मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना” शुरू करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने सहकारी बैंकों और नाबार्ड की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। योजना का उद्देश्य किसानों को सरल और सस्ते ऋण उपलब्ध कराना तथा सहकारी बैंकों की ऋण वितरण क्षमता को बढ़ाना है।
सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में सहकारी बैंकों का ऋण वितरण लगातार बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक का ऋण वितरण 2017 में 9,190 करोड़ से बढ़कर 2025 में 23,061 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ ही भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। एआईएफ योजना के तहत 375 गोदाम बनाए गए हैं और 2025-26 में 100 नए गोदामों के निर्माण का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए योजना का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी सुधारों को बढ़ावा देने और सहकारी बैंकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। यह योजना यूपी के किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आएगी।
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