सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी व्यापार समझौते की बातचीत में तेजी आने के संकेत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देश व्यापार समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह समझौता अमेरिका के पहले किए गए व्यापारिक समझौतों से काफी अलग हो सकता है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के दौरे पर हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक तथा रक्षा सहयोग पर चर्चा हो रही है।

‘हम समझौते के काफी करीब हैं’ 20 अक्टूबर को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि भारत समझौता करना चाहता है और अमेरिका भी इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष समझौते के काफी करीब हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रस्तावित समझौते की शर्तें पहले के समझौतों से किस तरह अलग होंगी। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

मार्को रुबियो की भारत यात्रा से बढ़ी उम्मीदें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग, रक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। रुबियो ने भी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए और कहा कि दोनों देश इस लक्ष्य के करीब हैं।

टैरिफ और बाजार पहुंच पर अहम बातचीत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बातचीत में आयात शुल्क, बाजार तक पहुंच और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा प्रमुख मुद्दे रहे हैं। भारत कृषि और डेयरी जैसे क्षेत्रों के हितों की रक्षा के साथ अपने निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर दिलाना चाहता है। वहीं, अमेरिका भारत के साथ व्यापारिक संबंधों का विस्तार करने और अमेरिकी वस्तुओं तथा तकनीक की पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रहा है। भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने 15 अक्टूबर को कहा था कि समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा चुका है और उस पर कानूनी मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से अंतिम हस्ताक्षर और समझौते के लागू होने की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।

आगे क्या होगा? ट्रंप के बयान से व्यापार समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन समझौते की अंतिम शर्तें और समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं हैं। यदि दोनों देश लंबित मुद्दों पर सहमति बना लेते हैं, तो इससे द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा मिल सकता है। फिलहाल सबकी नजरें बातचीत के नतीजों और आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।


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