सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। व्हाइट हाउस की नई प्रेस सेक्रेटरी केटी जकारिया को पद संभालने के महज पांच दिन बाद ही अपनी भूमिका छोड़नी पड़ी। 9 अक्टूबर 2026 को उनकी नियुक्ति की घोषणा हुई थी और 16 अक्टूबर को उनके पद से हटने की खबर सामने आई। उनके छोटे कार्यकाल के दौरान पेशेवर योग्यता, मीडिया के सामने प्रदर्शन और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे।
पहली प्रेस ब्रीफिंग के बाद बढ़ी आलोचना केटी जकारिया ने 13 अक्टूबर को व्हाइट हाउस में अपनी पहली प्रेस ब्रीफिंग की थी। यह ब्रीफिंग करीब 14 मिनट चली और उन्होंने केवल तीन पत्रकारों के सवाल लिए। उनके जवाब देने के तरीके और तैयारी को लेकर आलोचना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, जकारिया ने कहा था कि उन्होंने ब्रीफिंग छोटी रखी, ताकि राष्ट्रपति ट्रंप को बाद में पत्रकारों से बातचीत के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें व्हाइट हाउस के कर्मचारियों से पूरी तैयारी का समय नहीं मिला था। वकील होने के दावे पर उठे सवाल जकारिया की पेशेवर पृष्ठभूमि भी विवाद का कारण बनी। उन्होंने कानून की पढ़ाई की थी और मीडिया में खुद को वकील के रूप में पेश किया था। लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि वह बार परीक्षा पास नहीं कर पाई थीं। अमेरिका में कानून की डिग्री हासिल करना और किसी राज्य में लाइसेंस प्राप्त वकील बनना अलग-अलग बातें हैं। बार परीक्षा और पेशेवर पंजीकरण से जुड़े सवालों ने उनकी विश्वसनीयता को लेकर बहस तेज कर दी। ट्रंप ने क्या कहा? ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने जकारिया को नौकरी पर दोबारा विचार करने की सलाह दी थी। उनके मुताबिक, मीडिया की आलोचना के कारण जकारिया पर काफी दबाव पड़ रहा था और वह चाहते थे कि वह खुश रहें। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि जकारिया भविष्य में प्रशासन से जुड़े किसी दूसरे, कम दबाव वाले पद पर काम कर सकती हैं। हालांकि, उनकी अगली भूमिका को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई।
व्हाइट हाउस में आगे क्या होगा? जकारिया ने करोलिन लेविट की जगह यह जिम्मेदारी संभाली थी। उनके जाने के बाद प्रेस सेक्रेटरी के पद पर अगली नियुक्ति को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। ट्रंप ने कहा कि इस पद में रुचि रखने वाले कई लोग हैं, लेकिन तत्काल किसी उत्तराधिकारी का नाम घोषित नहीं किया गया। यह घटनाक्रम बताता है कि व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी की भूमिका में सार्वजनिक संवाद, पत्रकारों के सवालों का जवाब देने की क्षमता और पेशेवर विश्वसनीयता कितनी महत्वपूर्ण होती है। जकारिया के मामले में पहली ब्रीफिंग की आलोचना और उनकी कानूनी योग्यता को लेकर उठे सवाल उनके बेहद छोटे कार्यकाल के प्रमुख कारणों में रहे।
Hashtags: #WorldInternational #Bhopal #वजह #एनएन #टवर #आईट #गटन #रपत #बदल #ट्रंपनेपांचदिन