सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :सुप्रीम कोर्ट में 22 दिसंबर से 2 जनवरी तक विंटर वेकेशन घोषित किया गया है। इस संबंध में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट किया है कि अवकाश के दौरान भी जरूरी और अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई संभव होगी, विशेष रूप से 22 दिसंबर को। यह व्यवस्था न्यायिक कामकाज में संतुलन बनाए रखने और नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से की गई है।
हर साल सर्दियों के दौरान सुप्रीम कोर्ट में सीमित कार्यदिवस रहते हैं, लेकिन इस दौरान संवैधानिक, आपात और अत्यंत आवश्यक मामलों को प्राथमिकता दी जाती है। CJI सूर्यकांत के अनुसार, जरूरत पड़ने पर विशेष बेंच का गठन कर सुनवाई की जा सकती है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया बाधित न हो।
विंटर वेकेशन के दौरान आम मामलों की नियमित सुनवाई नहीं होगी, लेकिन जमानत, स्थगन आदेश, मानवाधिकार, और तात्कालिक संवैधानिक मुद्दों पर अदालत का दरवाजा खुला रहेगा। इससे उन याचिकाकर्ताओं को राहत मिलेगी, जिनके मामले समय-संवेदनशील हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न्यायिक संतुलन का उदाहरण है, जहां एक ओर न्यायाधीशों को अवकाश मिलता है, वहीं दूसरी ओर न्याय तक पहुंच भी सुनिश्चित की जाती है। विंटर वेकेशन के बाद सुप्रीम कोर्ट में 2 जनवरी से नियमित सुनवाई फिर से शुरू होगी।
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