सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पश्चिम बंगाल में 2025-26 के दौरान जारी किए गए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) प्रमाणपत्रों को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगा, जिसमें कुछ अवधि के दौरान जारी OBC प्रमाणपत्रों को अमान्य घोषित किया गया था।
जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस की कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार किया, लेकिन स्पष्ट किया कि इस मामले के अंतिम फैसले के अधीन नियुक्तियां की जाएंगी। नियुक्ति पत्रों में भी इसका उल्लेख करने का निर्देश दिया गया है।
मामला कलकत्ता हाई कोर्ट के 12 अगस्त 2026 के फैसले से जुड़ा है। हाई कोर्ट ने मई-जून 2025 में जारी सरकारी अधिसूचनाओं के आधार पर बनाए गए OBC वर्गीकरण को अमान्य माना था। इसके बाद 8 मई से 12 जून 2025 और 10 जून 2025 से 18 मई 2026 के बीच जारी संबंधित OBC प्रमाणपत्रों को भी प्रभावहीन और प्रारंभ से ही अमान्य माना गया।
अब सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि हाई कोर्ट के इस फैसले को बरकरार रखा जाए या उसमें बदलाव किया जाए। फिलहाल अंतिम फैसला नहीं आया है, इसलिए संबंधित प्रमाणपत्रों की वैधता को लेकर स्थिति सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर निर्भर है।
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