सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली द्वारा नेपाल की राजधानी काठमांडू में 19 वें विश्व संस्कृत सम्मेलन में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर स्थित नाट्य शास्त्र अध्ययन अनुसंधान केंद्र के छात्रों की ओर से शूद्रक कवि रचित द्वारा मृच्छकटिक नाटक की मनमोहक प्रस्तुति हुई।


उज्जैनी नगरी में रहने वाले व्यापारी चारुदत्त तथा गणिका वसंतसेना की यह प्रेम कहानी सुप्रसिद्ध है | तत्कालीन समाज का प्रतिबिंब इस नाटक में दिखाई देता है | मूल नाटक में संस्कृत भाषा के साथ अन्य भाषाओं का प्रयोग भी किया है | इस प्रकार इस मंचन में भी संस्कृत के साथ-साथ हिंदी, मालवी, नेपाली आदि भाषाओं का प्रयोग किया गया जिसकी रसिकों ने सराहना की |
यह मंचन ‘ संगीत नाटक’ विधा के अनुसार किया गया | अभिनेताओं द्वारा मंच पर अभिनय के सहित साक्षात गायन यह इस विधा की विशेषता होती है | इस नाटक की रंगावृत्ति नाट्य केन्द्र के प्राध्यापक डॉ. प्रसाद भिड़े ने सिद्ध की तथा नाट्यशास्त्र के अन्य प्राध्यापकों का सहयोग रहा।
भोपाल परिसर के निदेशक प्रो.रमाकांत पांडेय के मार्गदर्शन में मंचन हुआ । प्रो. पांडेय ने विश्व संस्कृत कवि सम्मेलन का संचालन तथा उन्होने काव्य पाठ किया इस अवसर पर अनेक देशों से लगभग 40 संस्कृत कवियों ने काव्य पाठ किया । प्रो. पांडय ने इस सम्मेलन में शोध पत्र वाचन के दो सत्रों की अध्यक्षता की ।

#केंद्रीयसंस्कृतविश्वविद्यालय #मृच्छकटिकनाटक #विश्वसंस्कृतसम्मेलन #काठमांडू2025 #भारतीयसंस्कृतिनाटक