सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एक दिन की डीएम बनीं सोनाक्षी, राहेमीन ने संभाली प्रिंसिपल की कुर्सी
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के एक स्कूल में छात्राओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता को बढ़ावा देने के लिए अनोखी पहल की गई। मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को एक दिन के लिए महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान सोनाक्षी ने एक दिन की जिलाधिकारी (डीएम) बनकर प्रशासनिक कार्यों को समझा, जबकि राहेमीन ने प्रिंसिपल की भूमिका निभाते हुए बच्चों को पढ़ाया।
एक दिन की डीएम बनकर समझीं प्रशासनिक जिम्मेदारियां सोनाक्षी को एक दिन के लिए जिलाधिकारी की भूमिका निभाने का अवसर मिला। इस पहल के माध्यम से उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था, निर्णय लेने की प्रक्रिया और जनहित से जुड़े कार्यों की जानकारी दी गई। छात्राओं को ऐसे अवसर देने का उद्देश्य उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें भविष्य में बड़ी जिम्मेदारियां संभालने के लिए प्रेरित करना है।
राहेमीन बनीं प्रिंसिपल, बच्चों को पढ़ाया इसी क्रम में राहेमीन को एक दिन के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्य बनाया गया। उन्होंने प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी संभालते हुए विद्यार्थियों को पढ़ाया और विद्यालय की गतिविधियों में भाग लिया। इस अनुभव से उन्हें स्कूल प्रबंधन, अनुशासन और शिक्षण कार्य की जिम्मेदारियों को करीब से समझने का अवसर मिला।
मिशन शक्ति का उद्देश्य छात्राओं को सशक्त बनाना उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसके तहत छात्राओं को जागरूक करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
फतेहपुर के स्कूल में हुई इस पहल ने छात्राओं को यह समझने का अवसर दिया कि प्रशासन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में जिम्मेदारी निभाने के लिए निर्णय क्षमता, अनुशासन और आत्मविश्वास कितना महत्वपूर्ण है। ऐसी गतिविधियां बालिकाओं को अपने सपनों को पहचानने और भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
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