सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : हार्ट अटैक के डर से जिम-रनिंग छोड़ रहे? जानें कार्डियोफोबिया

नई दिल्ली। जिम या दौड़ते समय दिल की धड़कन तेज होना, सांस फूलना और पसीना आना व्यायाम के दौरान होने वाले सामान्य शारीरिक बदलाव हो सकते हैं। लेकिन कुछ लोगों को इन लक्षणों के कारण लगातार यह डर सताने लगता है कि उन्हें हार्ट अटैक आ जाएगा। इस तरह का लगातार और तीव्र डर कार्डियोफोबिया कहलाता है।

कार्डियक सर्जन डॉ. नरेश त्रेहान के अनुसार, व्यायाम के दौरान हृदय की धड़कन बढ़ना अपने आप में हार्ट अटैक का संकेत नहीं है। सही जानकारी और चिकित्सकीय सलाह के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि जारी रखना महत्वपूर्ण है। हालांकि, जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी बीमारी है, उन्हें व्यायाम की तीव्रता तय करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

कार्डियोफोबिया में व्यक्ति बार-बार अपनी धड़कन जांच सकता है और सामान्य शारीरिक संवेदनाओं को भी गंभीर हृदय समस्या का संकेत समझ सकता है। इससे चिंता और घबराहट बढ़ सकती है और व्यक्ति व्यायाम से बचने लगता है।

ऐसे मामलों में चिकित्सकीय मूल्यांकन के साथ संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा और मनोचिकित्सा मददगार हो सकती है। यदि व्यायाम के दौरान सीने में दबाव या दर्द, बेहोशी, असामान्य सांस फूलना या लगातार गंभीर लक्षण हों, तो इन्हें केवल डर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।


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