सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ दायर याचिका पर अहम सुनवाई हो रही है। इस मामले में अदालत ने पहले ही भारत निर्वाचन आयोग (EC) से जवाब तलब किया था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि SIR की प्रक्रिया मतदाता सूची की पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर पड़ने की आशंका है।

आज की सुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ड्राफ्ट मतदाता रोल जारी किए जा रहे हैं। ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद नागरिकों को नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलता है। ऐसे में SIR को लेकर उठे सवाल सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं।

निर्वाचन आयोग का तर्क है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि फर्जी या डुप्लीकेट नाम हटाए जा सकें। वहीं, याचिकाकर्ता आशंका जता रहे हैं कि इस प्रक्रिया से वैध मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट की भूमिका यहां संतुलन बनाने की है, ताकि मतदाता अधिकार सुरक्षित रहें और चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता भी बनी रहे।

आज की सुनवाई और ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन आने वाले चुनावों की दिशा और मतदाता सूची की प्रक्रिया पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। सभी की निगाहें अदालत के रुख और निर्वाचन आयोग के जवाब पर टिकी हैं।

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