सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  :  कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में अपने और पार्टी नेता राहुल गांधी के माइक बंद किए जाने को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई है। सदन की कार्यवाही के दौरान जब वे एक अहम मुद्दे पर अपनी बात रख रहे थे, तभी अचानक माइक बंद कर दिया गया। इस घटना से आहत थरूर ने पीठासीन अधिकारी के व्यवहार पर असंतोष व्यक्त किया और सदन से बाहर निकल आए।

सदन से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में थरूर ने कहा कि यह केवल उनका या राहुल गांधी का अपमान नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि संसद में सभी जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का समान अधिकार है और माइक बंद करना उस अधिकार का उल्लंघन है।

थरूर ने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा संसदीय परंपराओं और मर्यादाओं का पालन किया है, लेकिन इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष की आवाज़ सदन में नहीं सुनी जाएगी तो लोकतांत्रिक संवाद कैसे संभव होगा।

कांग्रेस पार्टी ने भी इस घटना पर कड़ा विरोध जताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार और पीठासीन अधिकारी विपक्ष को बोलने का अवसर नहीं दे रहे हैं। विपक्षी सांसदों ने इसे संसद की गरिमा के खिलाफ बताया और निष्पक्ष संचालन की मांग की।

यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहा है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस घटनाक्रम ने संसद में लोकतांत्रिक मूल्यों, निष्पक्षता और विपक्ष की भूमिका को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

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