सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ दिल्ली : नई दिल्ली के जंतर मंतर पर 2 अक्टूबर को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाई गई आपत्तियों से जुड़ा था।

इस विरोध प्रदर्शन की घोषणा सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने की थी। आयोजकों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा, अधिवक्ता प्रशांत भूषण और RJD सांसद मनोज झा शामिल थे। आयोजकों ने चुनाव आयोग से अधिक जवाबदेही की मांग की और मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर चिंता जताई।

दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। संभावित भीड़ को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा कड़ी की गई। प्रदर्शन स्थल के आसपास बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई और अतिरिक्त पुलिस व अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई।

पुलिस के अनुसार, जिला और रिजर्व फोर्स, रैपिड एक्शन फोर्स तथा अन्य अर्धसैनिक इकाइयों सहित कई हजार कर्मियों को तैनात किया गया था। जंतर मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए और सुरक्षा एजेंसियों ने CCTV सहित अन्य उपायों से भीड़ पर नजर रखने की तैयारी भी की।

सौरभ भारद्वाज जंतर मंतर पहुंचे और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तथा संवैधानिक बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्थल के आसपास लगाई गई पाबंदियों पर भी सवाल उठाए। भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया।

यह प्रदर्शन SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर चल रही व्यापक राजनीतिक और कानूनी बहस के बीच हुआ। विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज समूहों ने इस प्रक्रिया पर आपत्तियां उठाई हैं, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण उसके दायित्व और निर्धारित प्रक्रियाओं का हिस्सा है।


Hashtags: #रषटर #भरत #दलल #जतरमतर #सरभभरदव #AAP #चनवआयग #SIR #सरभभरद #आमआदमपर