सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बार-बार खाने पर सद्गुरु ने बताया पाचन का महत्व
आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने खान-पान और पाचन तंत्र के बीच संबंध को समझाते हुए लोगों को बार-बार खाने की आदत पर ध्यान देने की सलाह दी है। उनके अनुसार, भोजन केवल पेट भरने का माध्यम नहीं है, बल्कि शरीर की ऊर्जा, कार्यक्षमता और समग्र स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। भोजन कब और कितनी मात्रा में लिया जाता है, इसका असर पाचन प्रक्रिया पर पड़ सकता है। सद्गुरु के अनुसार, शरीर को भोजन पचाने के लिए पर्याप्त समय देना जरूरी है। लगातार कुछ न कुछ खाते रहने से पाचन तंत्र को भोजन को संसाधित करने के बीच पर्याप्त अंतर नहीं मिल पाता। इसलिए भूख और भोजन के बीच उचित अंतर रखना खान-पान की बेहतर आदतों का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने शरीर की प्राकृतिक सफाई और बेहतर पाचन के लिए संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और नियमित दिनचर्या पर जोर दिया। ताजे और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना तथा अत्यधिक प्रसंस्कृत भोजन और जरूरत से ज्यादा खाने से बचना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, शरीर को ‘डिटॉक्स’ करने के नाम पर किसी विशेष पेय, सप्लीमेंट या लंबे समय तक उपवास को जरूरी नहीं माना जाना चाहिए। शरीर में लिवर और किडनी जैसे अंग प्राकृतिक रूप से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि और नियमित जीवनशैली अधिक महत्वपूर्ण हैं। लगातार अपच, पेट दर्द, कब्ज, दस्त या अन्य पाचन संबंधी परेशानी होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
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