सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुंबई। आईआईटी बॉम्बे में आरक्षित वर्ग के शिक्षकों की संख्या को लेकर आरटीआई से महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार संस्थान में कुल 1,225 स्वीकृत शिक्षण पद हैं, जिनमें से 775 पद भरे हुए हैं और 450 पद खाली हैं। भरे हुए पदों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़े कुल 84 शिक्षक शामिल हैं।

आरटीआई के अनुसार आईआईटी बॉम्बे में कुल 412 प्रोफेसर हैं। इनमें 5 अनुसूचित जाति और 6 अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं, जबकि अनुसूचित जनजाति वर्ग से एक भी प्रोफेसर नहीं है। वहीं एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर पर कुल 363 शिक्षक हैं। इनमें 29 अनुसूचित जाति, 8 अनुसूचित जनजाति और 35 अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं।

आरटीआई के आंकड़ों के मुताबिक आरक्षित वर्गों के शिक्षकों का प्रतिनिधित्व प्रोफेसर स्तर की तुलना में शुरुआती शैक्षणिक पदों पर अधिक है। आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं, जब आईआईटी बॉम्बे में आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व और भर्ती प्रक्रिया को लेकर बहस चल रही है। छात्र संगठनों ने इन आंकड़ों के आधार पर संस्थान में प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग उठाई है।

आरटीआई आवेदन ऑल इंडिया ओबीसी स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गौड़ किरण कुमार की ओर से दाखिल किया गया था। संस्थान में बड़ी संख्या में शिक्षण पद खाली होने का आंकड़ा भी सामने आया है। हालांकि, आरटीआई में सामने आए आंकड़े केवल वर्तमान प्रतिनिधित्व को दर्शाते हैं और इनसे भर्ती प्रक्रिया के कारणों या किसी नियम के उल्लंघन पर अपने-आप कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।


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