सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि संघ को भारतीय जनता तक व्यापक रूप से पहुंचाने के लिए गहन जनभागीदारी की आवश्यकता है। यह बात उन्होंने कार्यक्रम में संबोधन के दौरान कही, जहाँ उन्होंने संघ की सामाजिक भूमिका, जनता के साथ संवाद और समाज में सकारात्मक सहभागिता की जरूरत पर जोर दिया।
भागवत ने कहा कि संघ का विस्तार अब तक मुख्यतः “धारणाओं” के आधार पर हुआ है, इसलिए यह जरूरी है कि लोग संघ के वास्तविक उद्देश्य, कार्यप्रणाली और विचारधारा को प्रत्यक्ष रूप से समझें। इसके लिए स्वयंसेवकों को समाज के बीच जाकर संवाद बढ़ाने और सटीक जानकारी साझा करने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरएसएस का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों के साथ संवाद स्थापित करना, भ्रांतियों को दूर करना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। इसी कारण जनसंपर्क और स्वीकार्यता को बढ़ाने वाले कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाए जाने की आवश्यकता है।
इससे पहले भी संघ प्रमुख विभिन्न सार्वजनिक आयोजनों में सामाजिक एकता, विविधता में सामंजस्य और सहअस्तित्व पर जोर देते रहे हैं। उनका मानना है कि जब समाज के बीच संवाद मजबूत होता है, तो संगठन और समाज दोनों की दिशा अधिक सकारात्मक होती है। आरएसएस इसी लक्ष्य के साथ सामाजिक सहभागिता और जागरूकता को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
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