सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावित विधेयक को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। रिजिजू का आरोप है कि सरकार ने कांग्रेस को बातचीत के लिए बार-बार आमंत्रित किया, लेकिन पार्टी चर्चा के लिए आगे नहीं आई। उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस को 10 से अधिक बार बातचीत के लिए बुला चुकी है।
खड़गे को तीन पत्र लिखने का दावा रिजिजू के मुताबिक, उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को 16 मार्च, 26 मार्च और 12 अप्रैल 2026 को पत्र लिखे थे। उन्होंने खड़गे से कई बार बातचीत करने के साथ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी चर्चा का निमंत्रण देने की बात कही। मंत्री का दावा है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद कांग्रेस ने बातचीत के लिए कोई तारीख नहीं दी।
अन्य विपक्षी दलों से भी हुई चर्चा रिजिजू ने कहा कि सरकार ने कांग्रेस से चर्चा की प्रतीक्षा के बाद अन्य राजनीतिक दलों से संवाद किया। इनमें समाजवादी पार्टी, डीएमके, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), एआईएमआईएम और बीजू जनता दल शामिल हैं। उनके अनुसार, इन दलों ने परिसीमन से जुड़े मुद्दों और राज्यों के प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं।
कांग्रेस ने मांगी नए प्रस्ताव पर स्पष्टता दूसरी ओर, कांग्रेस ने सरकार से सवाल किया है कि क्या परिसीमन को लेकर कोई नया प्रस्ताव तैयार किया गया है या सरकार पहले लोकसभा में पराजित हो चुके संविधान संशोधन विधेयक को दोबारा लाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने विधेयक पर आगे बढ़ने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने और विपक्षी दलों की चिंताओं पर सामूहिक चर्चा कराने की मांग भी उठाई है।
परिसीमन और महिला आरक्षण पर बढ़ी राजनीतिक बहस परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में पारित नहीं हो सका था। अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच संवाद, राज्यों के प्रतिनिधित्व तथा महिला आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। आगे की प्रक्रिया में प्रस्ताव की स्पष्टता और विपक्षी दलों के साथ सहमति बनाना अहम रहेगा।
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