सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :देश के प्रख्यात और विश्वविख्यात मूर्तिकार राम सुतार का 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से कला जगत, विशेषकर भारतीय मूर्तिकला को अपूरणीय क्षति पहुंची है। राम सुतार को भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को मूर्त रूप देने वाले महान कलाकारों में गिना जाता है।
राम सुतार को अंतरराष्ट्रीय पहचान गुजरात में बनी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा सरदार वल्लभभाई पटेल की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के डिजाइन के लिए मिली। यह प्रतिमा न केवल इंजीनियरिंग का चमत्कार है, बल्कि भारतीय एकता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक भी मानी जाती है। इसके अलावा उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, इंदिरा गांधी और कई अन्य महान व्यक्तित्वों की मूर्तियां भी बनाई थीं, जो देश-विदेश में स्थापित हैं।
अपने लंबे करियर में राम सुतार ने भारतीय परंपरा, संस्कृति और इतिहास को अपनी कला के माध्यम से जीवंत किया। उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा गया था।
उनका जीवन नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणा रहा है। कला प्रेमियों और देशवासियों के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके निधन के साथ ही एक युग का अंत माना जा रहा है, लेकिन उनकी बनाई मूर्तियां आने वाली पीढ़ियों तक उनकी कला और विचारों को जीवित रखेंगी।
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