सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4–5 दिसंबर 2025 को भारत की यात्रा पर आए। यह यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद उनकी भारत की पहली यात्रा है। BBC ने इसे “डिप्लोमैटिक टाइट-रोप वॉक” करार दिया, क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय देशों की ओर से भारत पर रूस से दूरी बनाए रखने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
वहीं Moneycontrol के अनुसार, पश्चिमी मीडिया और अमेरिकी अखबारों ने इसे भारत के लिए “कूटनीतिक संतुलन” बताया। एक ओर भारत को रूस से रक्षा, ऊर्जा और पारंपरिक सहयोग बचाए रखना है, तो दूसरी ओर अमेरिका समेत पश्चिमी देशों के साथ व्यापार, निवेश और सामरिक रिश्तों को भी प्राथमिकता देनी है।
NDTV की रिपोर्ट्स और अन्य विश्लेषणों में, इस यात्रा को भारत की “डिप्लोमेसी टेस्ट” बताया गया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस बात पर नजर रख रहा है कि भारत किस तरह अपनी “स्वतंत्र विदेश नीति” कायम रखता है—विशेषकर युद्ध और प्रतिबंधों के माहौल में। भारत ने इस दौरान रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और परमाणु सहयोग जैसे मुद्दों को आगे बढ़ाने की मंशा स्पष्ट की।
यूक्रेनी मीडिया सहित कई स्रोतों का मानना है कि भारत इस यात्रा में वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति और भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
पुतिन के आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एयरपोर्ट पर स्वागत दोनों देशों के रिश्तों की अहमियत को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, वैश्विक मीडिया की दृष्टि में यह दौरा भारत की रणनीति, उसकी भू-राजनीतिक प्राथमिकताओं और
अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन में उसकी भूमिका की परीक्षा जैसा है—जहाँ भारत “पुरानी दोस्ती” और “विश्वसनीय साझेदारी” दोनों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।#पुतिनभारतदौरा #IndiaRussia #भारतकूटनीति #GlobalPolitics #PutinInIndia #भारतदौरा2025 #DiplomaticTes