सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कैथोलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप लियो चौदहवें को फेफड़ों का कैंसर होने की पुष्टि हुई है। वेटिकन की ओर से जारी चिकित्सा जानकारी के अनुसार, 71 वर्षीय पोप की 13 अक्टूबर 2026 को रोम के जेमेली अस्पताल में सर्जरी की गई। इस दौरान उनके दाहिने फेफड़े का निचला हिस्सा निकाल दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा और इस दौरान कोई जटिलता सामने नहीं आई।

जांच में हुई कैंसर की पुष्टि वेटिकन के चिकित्सा बुलेटिन के मुताबिक, पोप के फेफड़े में एक छोटी गांठ का पता नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान चला था। शुरुआती जांच में कैंसर की आशंका जताई गई थी, जिसकी पुष्टि सर्जरी के दौरान निकाले गए ऊतक की जांच से हुई। चिकित्सकों ने बीमारी को लंग एडेनोकार्सिनोमा बताया है। यह फेफड़ों के कैंसर का एक सामान्य प्रकार है।

करीब डेढ़ घंटे चली सर्जरी चिकित्सकों के अनुसार, ऑपरेशन लगभग 90 मिनट तक चला। इस प्रक्रिया में वीडियो-सहायता वाली शल्य तकनीक का इस्तेमाल करते हुए दाहिने फेफड़े का निचला हिस्सा निकाला गया। ऑपरेशन के बाद पोप होश में आ गए और निगरानी के बाद उन्हें अस्पताल के कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया। 14 अक्टूबर को जारी जानकारी के अनुसार, पोप की रात शांतिपूर्वक बीती और उनकी स्थिति में सुधार के संकेत मिले। चिकित्सकों ने बताया कि वह चलने-फिरने, भोजन करने और श्वसन संबंधी व्यायाम शुरू करने में सक्षम थे। उन्हें लगभग एक सप्ताह तक अस्पताल में रखने की योजना बताई गई है।

आगे के उपचार पर नजर वेटिकन ने कैंसर की अवस्था, उसके फैलाव और आगे की चिकित्सा को लेकर विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है। चिकित्सकों को निकाले गए ऊतक की अतिरिक्त जांच के परिणामों का इंतजार है। इन्हीं परिणामों के आधार पर आगे के उपचार की आवश्यकता और स्वरूप तय किया जा सकेगा। पोप लियो के स्वास्थ्य को लेकर दुनिया भर के कैथोलिक समुदाय में चिंता है। कई देशों के नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। फिलहाल, वेटिकन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार सर्जरी सफल रही है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी जारी है।


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