सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी Act (मनरेगा) का नाम बदलकर अब ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ कर दिया है। मोदी कैबिनेट ने इस महत्वपूर्ण फैसले को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य देश के ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम को और मजबूत तथा सम्मानजनक पहचान देना है। इस बदलाव के साथ ही योजना के तहत दी जाने वाली वार्षिक रोजगार की संख्या को भी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक कर दिया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को अधिक आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

सरकार का मानना है कि मनरेगा का नाम बदलने से लोगों के मन में महात्मा गांधी और उनके आदर्शों की याद और बेहतर तरीके से जीवित रहेगी। ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ का लक्ष्य ग्रामीण गरीब और बेरोजगार नागरिकों को काम प्रदान कर उनके जीवन स्तर को सुधारना है और उसी के अनुरूप रोजगार स्वाभिमान को बढ़ावा देना है।

कार्य की संख्या बढ़ने से लाखों ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय सृजित करने का अवसर मिलेगा। नई योजना में रोजगार की उपलब्धता, मजदूरी दर में सुधार, पारदर्शिता और प्रबंधन में अधिक जवाबदेही जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह बदलाव आगामी वित्तीय वर्ष से लागू होने की संभावना जताई जा रही है।

सरकार ने कहा है कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगी और गांधीजी के ग्राम स्वराज व आत्मनिर्भर भारत के विचार को मजबूती प्रदान करेगी।

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