सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जॉर्डन दौरा भारत की पश्चिम एशिया नीति में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। जॉर्डन मध्य-पूर्व क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता, शांति प्रयासों और कूटनीतिक संतुलन के लिए जाना जाता है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया भू-राजनीतिक चुनौतियों, संघर्षों और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों से गुजर रहा है, भारत-जॉर्डन संबंधों को नई मजबूती देना रणनीतिक रूप से अहम है।

यह दौरा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, आतंकवाद-रोधी प्रयासों और खुफिया साझेदारी को और सशक्त कर सकता है। जॉर्डन लंबे समय से क्षेत्रीय शांति का समर्थक रहा है, वहीं भारत वैश्विक मंच पर संतुलित और संवाद आधारित नीति का पक्षधर है। ऐसे में द्विपक्षीय बातचीत से क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा मिल सकता है।

आर्थिक दृष्टि से भी यह यात्रा महत्वपूर्ण है। व्यापार, निवेश, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं बढ़ेंगी। जॉर्डन भारत के लिए पश्चिम एशिया और अफ्रीका के बाजारों तक पहुंच का प्रवेश द्वार बन सकता है।

सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग इस दौरे का एक और मजबूत पक्ष है। योग, आयुष, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में आपसी साझेदारी लोगों के बीच संबंधों को गहरा करेगी। कुल मिलाकर, पीएम मोदी का जॉर्डन दौरा भारत की “एक्ट वेस्ट” नीति को गति देने, रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने और वैश्विक स्तर पर भारत की कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करने वाला कदम है।

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