सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने हाल ही में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की संभावना पर बयान दिया है। राज्य में हालिया घटनाओं के मद्देनज़र, खासकर कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या के मामले ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने राज्य की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति को गर्मा दिया है और चारों ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
राज्यपाल बोस ने इस मामले पर कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार और कानून व्यवस्था की स्थिति पर उनकी नजर है। उन्होंने कहा कि वह राज्य में कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं और सभी संबंधित पक्षों से संपर्क में हैं। हालांकि, उन्होंने राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के सवाल पर स्पष्ट टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि राज्य में शांति और सुरक्षा बहाल करना उनकी प्राथमिकता है।
इसके अलावा, राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्यपाल के इस बयान से यह संकेत मिल रहा है कि अभी राज्य में राष्ट्रपति शासन की संभावना नहीं है, लेकिन सरकार की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
इस बीच, राज्य में विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना करते हुए राष्ट्रपति शासन की मांग की है। उन्होंने राज्य सरकार को कानून व्यवस्था में विफल बताया और कहा कि मौजूदा हालात में राज्य की जनता को सुरक्षा देना सरकार के बस की बात नहीं रह गई है।
पश्चिम बंगाल में यह मामला राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है, और आने वाले दिनों में इस पर और भी अधिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।