सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारतीय बायोमेडिकल रिसर्च के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर डॉ. जीपी तलवार ने 100 वर्ष की उम्र पूरी की है। दिल्ली एम्स में उनके सम्मान में विशेष समारोह आयोजित किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उनके पूर्व छात्रों ने हिस्सा लिया। डॉ. तलवार एम्स के शुरुआती संस्थापक फैकल्टी सदस्यों में शामिल रहे और उन्होंने संस्थान में बायोकेमिस्ट्री विभाग की स्थापना की। उन्हें भारतीय इम्यूनोलॉजी के प्रमुख वैज्ञानिकों में गिना जाता है।
डॉ. तलवार का सबसे चर्चित वैज्ञानिक योगदान कुष्ठ रोग के खिलाफ Mycobacterium indicus pranii (MIP) आधारित वैक्सीन का विकास है। यह वैक्सीन पहले Mycobacterium w के नाम से जानी जाती थी। इसका उद्देश्य सीधे बैक्टीरिया को खत्म करने के बजाय मरीज की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर तरीके से सक्रिय करना था। वैज्ञानिक अध्ययनों में इसे कुष्ठ रोग के मानक उपचार के साथ सहायक इम्यूनोथेरेपी के रूप में इस्तेमाल किया गया।
डॉ. तलवार ने 1969 में एम्स में ICMR-WHO रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने में भी योगदान दिया। बाद में वे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी के विकास से जुड़े। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए कई शोधकर्ता आगे चलकर भारत और विदेशों में वैज्ञानिक संस्थानों और बायोटेक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिकाओं तक पहुंचे। उनके वैज्ञानिक योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया है। 100 वर्ष की उम्र में भी विज्ञान और शोध के प्रति उनकी सक्रियता को उनके लंबे वैज्ञानिक सफर की विशेष पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
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