सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़/ इंटीग्रेटेड ट्रेड न्यूज़ भोपाल | 30 दिसंबर 2025: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज देशभर की सभी राज्य राजधानियों में हो रहे प्रदर्शन के क्रम में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की माँग को लेकर जोरदार, अनुशासित एवं प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन UFBU द्वारा घोषित देशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा, जिसमें शहर के विभिन्न बैंक केंद्रों से बड़ी संख्या में बैंक कर्मियों ने सहभागिता की।
प्रदर्शन स्थल पर कर्मियों ने हाथों में तख्तियाँ लेकर “We Demand 5 Days Banking” तथा “पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह हमारा अधिकार” जैसे नारे लगाए और सरकार एवं बैंक प्रबंधन को स्पष्ट संदेश दिया कि वर्षों से लंबित यह माँग अब और टाली नहीं जा सकती।
इस अवसर पर AIBOC मध्यप्रदेश के अध्यक्ष सुबीन सिन्हा ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र की वास्तविक चुनौती कार्यदिवसों की संख्या नहीं, बल्कि बढ़ता कार्यभार और कर्मचारियों पर बढ़ता मानसिक दबाव है। उन्होंने कहा कि पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह कर्मचारियों के स्वास्थ्य, पारिवारिक संतुलन और कार्यक्षमता के लिए आवश्यक है। AIBOC मध्यप्रदेश के सचिव दिनेश झा ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के बाद बैंक कर्मियों की जिम्मेदारियाँ कई गुना बढ़ी हैं, ऐसे में पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह कोई सुविधा नहीं, बल्कि न्यायसंगत आवश्यकता है।
SBIOA भोपाल सर्कल के अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और बैंकिंग व्यवस्था अधिक सुदृढ़, संवेदनशील तथा परिणामोन्मुख बनेगी। SBIOA के DGS रजनीश पौराणिक ने कहा कि लगातार लंबे कार्य घंटे और दबाव के बीच बैंक कर्मियों से उच्च गुणवत्ता की सेवा की अपेक्षा व्यावहारिक नहीं है, पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह से उत्पादकता, सेवा गुणवत्ता और कार्य-संतोष में सकारात्मक बदलाव आएगा।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि बैंक कर्मी देश की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ हैं, किंतु लगातार बढ़ते लक्ष्य, सीमित अवकाश और कार्य-जीवन असंतुलन के कारण कर्मचारियों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना केवल कर्मचारी हित का मुद्दा नहीं, बल्कि मानव-केंद्रित, आधुनिक और प्रभावी बैंकिंग व्यवस्था की दिशा में आवश्यक कदम है।
प्रदर्शन में UFBU के विभिन्न घटक संगठनों के पदाधिकारी एवं SBIOA भोपाल के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से अनिल श्रीवास्तव, रजनीश पौराणिक, सुबीन सिन्हा, दिनेश झा, वीरू शर्मा, निर्भय सिंह, अंबरिश नंदा, सुमित कुमार, लता भारती, शिवप्रसाद अहिरवार, क्षितिज तिवारी, अरविंद पंडियार, भावना ताहिलयानी, राहुल सोमकुंवर सहित अनेक बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
आंदोलन नेतृत्वकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार एवं बैंक प्रबंधन ने पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की माँग पर शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया, तो UFBU आंदोलन को और व्यापक करते हुए आगामी चरणों में धरना-प्रदर्शन, प्रेस वार्ता तथा अखिल भारतीय हड़ताल जैसे निर्णायक कदम उठाने को बाध्य होगा। प्रदर्शन पूर्णतः शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं लोकतांत्रिक रहा और इसने स्पष्ट किया कि बैंक कर्मी अपने अधिकारों, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों तथा स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन के लिए एकजुट हैं।
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