सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स और प्राइम वीडियो को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिका की एक अदालत ने ‘क्लिक टू कैंसिल’ नियम को खारिज कर दिया है, जिसे संघीय व्यापार आयोग (FTC) ने प्रस्तावित किया था। इस प्रस्ताव का मकसद ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के सब्सक्रिप्शन को रद्द करना और अधिक आसान बनाना था, लेकिन अदालत ने इसे मंजूरी नहीं दी।
FTC के अनुसार, यह नियम उपभोक्ताओं को सब्सक्रिप्शन कैंसिल करने की सुविधा केवल कुछ क्लिक में देने के लिए तैयार किया गया था। लेकिन अमेरिकी अदालत ने इस आधार पर इसे खारिज कर दिया कि FTC ने इस नियम के आर्थिक प्रभाव (Economic Impact Analysis) का विश्लेषण नहीं किया है, जो कि कानूनी रूप से आवश्यक होता है।
अगर यह नियम पास हो जाता, तो यूजर्स नेटफ्लिक्स, हुलु, डिज्नी+ या प्राइम वीडियो जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स से अपने सब्सक्रिप्शन को केवल एक या दो क्लिक में रद्द कर सकते थे, जिससे प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और आसान बन जाती। लेकिन अब, कम से कम अमेरिका में, सब्सक्रिप्शन रद्द करना उतना सहज नहीं होगा जितना FTC चाहती थी।
हालांकि, फिलहाल भारत में इस तरह का कोई नियम नहीं है, लेकिन दुनियाभर में डिजिटल उपभोक्ता अधिकारों को लेकर बहस लगातार जारी है। आने वाले समय में ऐसे कानून भारत और अन्य देशों में भी देखने को मिल सकते हैं।
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