सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ओमान में उड़ान से रोका गया था हमलावर, फ्लाईदुबई तक कैसे पहुंचा

नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर कथित हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान संख्या एफजेड1073 में कॉकपिट के भीतर हुई घटना के बाद विमान अचानक हजारों फीट नीचे चला गया था। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अल-हमामी वर्ष 2024 में ओमान एयर में को-पायलट प्रशिक्षण ले रहा था। उस दौरान उसके पास कथित तौर पर कुछ चरमपंथी सामग्री मिलने और उसके विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं। इसके बाद उसे उड़ान प्रशिक्षण से हटा दिया गया था। हालांकि, उसे एयरलाइन में प्रशासनिक भूमिका में काम करने की अनुमति दी गई थी।

इसके बाद उसके करियर में कई बदलाव हुए। उसके नाम से जुड़े एक पुराने पेशेवर प्रोफाइल के अनुसार वह ओमान एयर से फरवरी 2025 तक जुड़ा रहा। इसके बाद वह रॉयल एयर मारोक से जुड़ा और बाद में फ्लाईदुबई में शामिल हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, वह फ्लाईदुबई में करीब आठ महीने से काम कर रहा था। यह सवाल अब जांच का अहम हिस्सा है कि ओमान में सुरक्षा जोखिम के तौर पर चिन्हित किए जाने के बावजूद वह दूसरी एयरलाइन में उड़ान भरने के लिए कैसे मंजूर हुआ।

घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के पीछे कोई आतंकी गतिविधि, पूर्व नियोजन या किसी अन्य पक्ष की भूमिका थी या नहीं। अभी हमले के मकसद पर अंतिम निष्कर्ष नहीं आया है।

भारतीय कैप्टन स्मित माछर के विमान को संभालने और सुरक्षित लैंडिंग में मदद करने की सराहना की गई है। घटना के बाद पायलटों की सुरक्षा जांच और विमानन सुरक्षा प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।


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