सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। नारायणा हेल्थ सिटी, बेंगलुरु ने अपने केंद्र में किए गए 136 हृदय और फेफड़ों के प्रत्यारोपणों को रेखांकित करते हुए मरीजों की रिकवरी यात्राओं का जश्न मनाया। यह आयोजन 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस से पहले किया गया, जिसमें अंतिम चरण के हृदय और फेफड़ों के रोगों से जूझ रहे लोगों के लिए उन्नत प्रत्यारोपण देखभाल से खुलती नई संभावनाओं पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में 40 से अधिक हृदय और फेफड़ा प्रत्यारोपण प्राप्त मरीज तथा उनके परिवार शामिल हुए। इस दौरान चिकित्सा टीमों, अंगदाताओं और परिजनों के योगदान को भी सम्मानित किया गया। नारायणा हेल्थ के अनुसार, उसका प्रत्यारोपण कार्यक्रम जटिल वयस्क और बाल हृदय व फेफड़ा प्रक्रियाओं को कवर करता है, जिसमें विशेष सर्जरी, क्रिटिकल केयर और बहुविषयक विशेषज्ञता का सहयोग शामिल है।

नारायणा हेल्थ ने बताया कि उसके 95% प्रत्यारोपण प्राप्त मरीज फिर से सार्थक जीवन में लौटे हैं। इनमें कुछ बच्चे दोबारा पढ़ाई शुरू कर चुके हैं, जबकि अन्य मरीज खेल और रोजमर्रा की गतिविधियों में लौटे हैं। कार्यक्रम में दीर्घकालिक सर्वाइवर भी शामिल हैं, जिनमें एक हृदय प्रत्यारोपण प्राप्त मरीज प्रत्यारोपण के बाद 16 वर्ष पूरे कर चुका है।

इस कार्यक्रम के तहत अलग-अलग आयु वर्ग के मरीजों का उपचार किया गया है। नारायणा हेल्थ ने एक ऐसे बच्चे का उदाहरण दिया, जिसे 14 महीने की उम्र में डोनर हार्ट मिला था। वहीं, 68 वर्ष की उम्र में संयुक्त हृदय-फेफड़ा प्रत्यारोपण कराने वाला एक अन्य मरीज अब भी सक्रिय जीवन जी रहा है। केंद्र ने कई जटिल संयुक्त हृदय और फेफड़ा प्रक्रियाएं भी की हैं, जिनमें कई विशेषज्ञ टीमों के बीच समन्वय की जरूरत पड़ी।

प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे गंभीर मरीजों के लिए केंद्र एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ECMO) और वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस (VADs) जैसी तकनीकों का उपयोग करता है। गंभीर हृदय या श्वसन विफलता वाले चुनिंदा मरीजों को इन तकनीकों के जरिए जीवनरक्षक सहारा दिया जाता है।

इस प्रत्यारोपण कार्यक्रम ने देशभर से मरीजों को आकर्षित किया है। 136 प्राप्तकर्ताओं में से करीब आधे कर्नाटक के बाहर से आए, जो भारत के 19 राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। अंतरराष्ट्रीय मरीजों, जिनमें Sudan से आए प्राप्तकर्ता भी शामिल हैं, का भी यहां उपचार किया गया है।

प्रत्यारोपण सर्वाइवर्स का जश्न मनाने के साथ नारायणा हेल्थ ने भारत में डोनर अंगों की लगातार कमी पर भी जोर दिया। अस्पताल ने मृतक अंगदान और डोनर पंजीकरण को लेकर अधिक जागरूकता की अपील की और कहा कि हर दान किसी अन्य मरीज को जीवन का दूसरा अवसर दे सकता है।


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