सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस | आईटीडीसी न्यूज़, भोपाल :बॉलीवुड में जासूसी, आतंकवाद और भारत-पाकिस्तान के तनाव पर कई फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन ‘उड़ता तीर’ इन गंभीर विषयों को कॉमेडी और व्यंग्य के अंदाज में पेश करने की कोशिश करती है। आयुष्मान खुराना और सारा अली खान अभिनीत इस फिल्म का निर्देशन आकाश ए. कौशिक ने किया है। फिल्म 23 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई।

कहानी: पहचान भूला जासूस, बदल गया मिशन फिल्म की कहानी बिलाल अहमद नाम के पाकिस्तानी खुफिया एजेंट के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भारत में विक्रांत थापर की पहचान के साथ काम कर रहा है। एक दुर्घटना के बाद उसकी याददाश्त चली जाती है और वह खुद को भारत का वफादार जासूस समझने लगता है। इसके बाद शुरू होता है गलतफहमियों, जासूसी अभियानों और हास्यास्पद परिस्थितियों का सिलसिला।

बिलाल की बदली हुई पहचान से उसके पाकिस्तानी आकाओं की योजनाएं गड़बड़ाने लगती हैं। वह जिन लोगों के लिए काम करता था, उन्हीं के नेटवर्क के खिलाफ खड़ा हो जाता है। फिल्म का मूल विचार दिलचस्प है—एक ऐसा जासूस जिसे देशभक्ति तो याद है, लेकिन अपनी असली पहचान और देश का भ्रम हो गया है। कॉमेडी और व्यंग्य फिल्म की ताकत ‘उड़ता तीर’ की सबसे बड़ी खूबी इसकी सिचुएशनल कॉमेडी और चुटीले संवाद हैं। गलत पहचान, खुफिया एजेंसियों की उलझनें और राजनीतिक व्यंग्य कई दृश्यों में मनोरंजन पैदा करते हैं। फिल्म का अंदाज उन दर्शकों को पसंद आ सकता है, जो गंभीर विषयों को हल्के-फुल्के और व्यंग्यात्मक तरीके से देखना पसंद करते हैं।

हालांकि, कहानी में कई जगह तर्क पीछे छूट जाता है। कुछ घटनाएं जरूरत से ज्यादा अविश्वसनीय लगती हैं और फिल्म का दूसरा हिस्सा पहले हिस्से जैसी लगातार रफ्तार बनाए रखने में संघर्ष करता है। कॉमेडी से एक्शन और देशभक्ति की ओर बढ़ते हुए कहानी का मिजाज भी बदलता है। ऐसे में दर्शकों को फिल्म से जुड़ने के लिए इसकी अतिशयोक्ति को स्वीकार करना होगा। अभिनय: आयुष्मान के कंधों पर फिल्म आयुष्मान खुराना बिलाल और विक्रांत के दोहरे व्यक्तित्व के बीच उलझे किरदार को निभाते हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग और भ्रम की स्थिति से पैदा होने वाली प्रतिक्रियाएं फिल्म को आगे बढ़ाती हैं। सारा अली खान यामिनी की भूमिका में हैं, जबकि राम कपूर, गुलशन ग्रोवर, राहुल बोस, सुहैल नैय्यर और अन्य कलाकार कहानी में अलग-अलग रंग जोड़ते हैं। दिवंगत अभिनेता मुकुल देव का अभिनय भी फिल्म के उल्लेखनीय पहलुओं में शामिल है।

अंतिम फैसला: लॉजिक नहीं, मनोरंजन की उम्मीद रखें ‘उड़ता तीर’ एक अलग विचार पर बनी स्पाई-कॉमेडी है, लेकिन कमजोर कड़ियां और दूसरे हिस्से की असमान गति इसके प्रभाव को सीमित करती हैं। यदि आप हर दृश्य में तर्क और वास्तविकता तलाशते हैं, तो फिल्म निराश कर सकती है। लेकिन जासूसी, एक्शन, व्यंग्य और हल्की-फुल्की कॉमेडी का मिश्रण पसंद है, तो इसे देखने पर विचार किया जा सकता है। किसके लिए है फिल्म? स्पाई-कॉमेडी और आयुष्मान खुराना के प्रशंसकों के लिए।


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