सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यांचल प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कृषि विभाग के बी.एससी. कृषि के छात्रों ने कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया को नजदीक से समझा, पर्यावरण संरक्षण का भी मिला संदेश, उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर स्थित वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की सफाई एवं रखरखाव का कार्य कर व्यावहारिक कृषि शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। यह अभ्यास टिकाऊ और जैविक कृषि पद्धतियों को समझने के उद्देश्य से किया गया, जो आज के समय में पर्यावरणीय संतुलन और मृदा की उर्वरता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस गतिविधि के दौरान छात्रों ने न केवल वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की संरचना और कार्यप्रणाली को समझा, बल्कि स्वयं श्रम कर इसकी सफाई की। उन्होंने देखा कि किस प्रकार केंचुए जैविक कचरे को धीरे-धीरे विघटित कर उच्च गुणवत्ता वाली खाद में परिवर्तित करते हैं, जिसे फसलों के पोषण के लिए उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया में कोई रसायन नहीं होता, जिससे यह पूरी तरह प्राकृतिक और पर्यावरण हितैषी होती है।
मध्यांचल प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का यह प्रयास छात्रों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए, उन्हें फील्ड पर ले जाकर व्यावहारिक और नैतिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि छात्र नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को अपनी शिक्षा का हिस्सा बनाएं।

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