सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : लीलावती अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर ने एट्रियल फिब्रिलेशन (AF) से पीड़ित 77 वर्षीय मरीज पर भारत की पहली संयुक्त Pulsed Field Ablation (PFA) और Left Atrial Appendage Occlusion (LAAO) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी करने की जानकारी दी है। अस्पताल के मुताबिक, यह कार्डियक केयर और इंटरवेंशनल इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी के क्षेत्र में अहम प्रगति मानी जा रही है।
एट्रियल फिब्रिलेशन दिल की धड़कन की लय से जुड़ा आम विकार है, जिससे रक्त के थक्के बनने और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। PFA एक उन्नत एब्लेशन तकनीक है, जिसका उपयोग अनियमित दिल की धड़कन के लिए जिम्मेदार असामान्य विद्युत संकेतों के उपचार में किया जाता है। वहीं LAAO का उद्देश्य लेफ्ट एट्रियल अपेंडेज में थक्का बनने से जुड़े स्ट्रोक के खतरे को कम करना है।
दोनों प्रक्रियाओं को एक ही इंटरवेंशन में मिलाकर करना AF के चुनिंदा मरीजों के लिए व्यापक उपचार विकल्प दे सकता है, खासकर उन मरीजों में जिन्हें दिल की लय नियंत्रित करने के साथ स्ट्रोक-जोखिम घटाने की भी जरूरत होती है। सफल प्रक्रिया भारत में उन्नत कार्डियक तकनीकों की बढ़ती उपलब्धता को भी रेखांकित करती है।
यह उपलब्धि जटिल हृदय रोगों के प्रबंधन में विशेषज्ञ कार्डियक टीमों, आधुनिक चिकित्सा ढांचे और मिनिमली इनवेसिव उपचार तकनीकों की जरूरत को सामने रखती है। ऐसी तकनीकी प्रगति चुनौतीपूर्ण कार्डियक विकारों वाले मरीजों के लिए उपचार विकल्पों का दायरा बढ़ा सकती है।
लीलावती अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर में हुई यह प्रक्रिया उन्नत इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी और स्ट्रक्चरल-हार्ट इंटरवेंशन अपनाने में भारत की प्रगति को दिखाती है। साथ ही यह व्यक्तिगत जरूरतों और तकनीक-आधारित कार्डियक केयर के निरंतर विकास को भी सामने लाती है।
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