सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ Delhi : भारत के कई महान चैंपियन सुर्खियों से दूर जन्म लेते हैं। वे गांवों, पहाड़ों और उन समुदायों से निकलते हैं, जहां संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन संकल्प की कोई सीमा नहीं होती।

पदक जीतने और रिकॉर्ड टूटने से बहुत पहले ये खिलाड़ी हालात से लड़ते हैं, जिम्मेदारियां उठाते हैं और अटूट दृढ़ता के साथ उत्कृष्टता की राह पर आगे बढ़ते रहते हैं।

भारत की जमीनी प्रतिभाओं में छिपी असाधारण क्षमता को पहचानते हुए M3M Foundation ने Lakshya की शुरुआत की, ताकि प्रतिभा को सहारा मिले, आकांक्षाओं को संवारने का अवसर मिले और योग्य खिलाड़ियों को गर्व के साथ देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल सके।

ऐसी ही एक चैंपियन हैं हिमाचल प्रदेश की दूरस्थ स्पीति घाटी की अल्ट्रा-रनर Tenzin Dolma, जो M3M Foundation के Lakshya Programme की लाभार्थी हैं।

हाल ही में Tenzin ने Japan में आयोजित IAU Asian-Oceania 24 Hours Championship में देश का मान बढ़ाया। उन्होंने भारत के 12-hour और 24-hour दोनों National Records तोड़े और Indian Women's Team को Bronze Medal दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कम उम्र में माता-पिता को खो देने, किशोरावस्था में मां बनने और एक छोटे से tea stall के जरिए परिवार का सहारा बनने वाली इस महिला के लिए यह उपलब्धि केवल खेल की सफलता नहीं, बल्कि जुझारूपन, धैर्य और उम्मीद की कहानी है।

Tenzin की यात्रा Lakshya की उस व्यापक सोच को भी दर्शाती है, जो M3M Foundation की प्रमुख खेल पहल है। इसे M3M Foundation की Chairperson and Trustee डॉ. पायल कनोडिया के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है, जो स्वयं International Kettlebell Champion हैं। प्रतिस्पर्धी खेल की चुनौतियों को करीब से समझने वाली डॉ. कनोडिया का मानना है कि प्रतिभा को कभी भी भौगोलिक स्थिति या आर्थिक परिस्थितियों से सीमित नहीं होना चाहिए।

आज Lakshya, Haryana, Delhi, Uttar Pradesh, Rajasthan, Jharkhand, Madhya Pradesh, Maharashtra, Himachal Pradesh, Uttarakhand, Ladakh और Jammu & Kashmir सहित 11 राज्यों में 100 से अधिक scholars को समर्थन दे रहा है।


Hashtags: #BusinessEconomy #Delhi #DeskSource #Lakshya #Scholars #TenzinDolma #M3MFoundation #GlobalGlory #India #लकषयस