सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर में हिंदी पखवाड़े का समापन समारोह को आयोजित किया गया। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, कुलपति श्रीनिवास बरखेड़ी के संरक्षण में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम मैं मुख्यअतिथि भोपाल के प्रसिद्ध चिकित्सक एवं साहित्यकार डॉ ज्ञान चतुर्वेदी एवं सारस्वत अतिथि क्षमा पाण्डेय प्रसिद्ध हिंदी कवयित्री तथा कार्यक्रम के अध्यक्ष परिसर निदेशक रमाकांत पांडेय उपस्थित रहे।


मुख्य अतिथि डॉ ज्ञान चतुर्वेदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें सबसे पहले अपनी भाषा के प्रति आत्म सम्मान और गर्व का भाव लाना आवश्यक है। हिंदी एक ऐसी प्रभावमयी नदी है जो सतत अपना रास्ता बना रही है। सभी भाषाएं श्रेष्ठ है, किंतु हिंदी में अपनी संस्कृति जुड़ी हुई है ।भाषा का महत्त्व तब बढ़ता है जब भाषा रोजगार का माध्यम बनती है। सारस्वत अतिथि डॉ क्षमा पांडेय ने अपने वक्तव्य मे कहा कि व्यवहारिक पक्ष से हमें हिंदी को जन जन की भाषा बनाना होगा, विश्व में तीसरे स्थान पर बोली जाने वाली भाषा हिंदी है, किंतु तब भी यह भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है यह अत्यंत चिंतनीय विषय है ।हमें प्रयास करना होगा कि हम हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार करें।


कार्यक्रम के अध्यक्ष परिसर निदेशक रमाकांत पांडेय ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में साहित्यिक व्यक्ति नहीं अपितु तकनीक व विज्ञान से जुड़े सभी क्षेत्रों के विशेषज्ञों के लिए भी हिंदी व संस्कृत जानना भी आवश्यक है। देश को हिंदी भाषा के ऐसे जानकारों की आवश्यकता है जो हर विषय का हिंदी में प्रतिपादन करें।। हिंदी भारत देश की आत्मा है।

पखवाड़े के अंतर्गत निबंध लेखन, भाषण, हिंदी साहित्यिक गीत प्रतियोगिता आयोजित हुई जिसमें छात्रों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की तथा इस अवसर पर विजयी छात्रों को पुरस्कृत किया गया। परिसर के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई । इस कार्यक्रम की समन्वयिका अर्चना दुबे एवं संयोजक ब्रह्मानन्द मिश्र थे ।

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