सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: कावेरी अस्पताल ने हृदय के महाधमनी वाल्व में गंभीर रिसाव (एओर्टिक वाल्व रिगर्जिटेशन) से जूझ रहे मरीज का विशेषीकृत ‘हैंकर’ (HANCHOR) वाल्व तकनीक की मदद से उपचार किया। यह प्रक्रिया जटिल हृदय रोगों के उपचार में उन्नत चिकित्सा तकनीक के उपयोग का उदाहरण है। अस्पताल के अनुसार, इस तकनीक का इस्तेमाल ऐसे मरीजों के लिए किया गया, जिनमें महाधमनी वाल्व ठीक से बंद नहीं हो पाता और इसके कारण हृदय से शरीर की ओर जाने वाला रक्त वापस लौटने लगता है।

एओर्टिक वाल्व रिगर्जिटेशन की स्थिति में हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। गंभीर मामलों में सांस फूलना, थकान, सीने में परेशानी और हृदय की कार्यक्षमता प्रभावित होने जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह स्थिति गंभीर हो सकती है।

विशेषीकृत वाल्व तकनीक का उद्देश्य प्रभावित वाल्व की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना और रक्त के उल्टे प्रवाह को रोकना है। ऐसे जटिल मामलों में मरीज की स्थिति, हृदय की संरचना और चिकित्सकीय जांच के आधार पर उपचार की प्रक्रिया तय की जाती है।

अस्पताल की इस उपलब्धि को उन्नत हृदय उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे जटिल वाल्व संबंधी बीमारियों के उपचार में नई तकनीकों और विशेषज्ञ चिकित्सा देखभाल की भूमिका भी सामने आती है।


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