सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय और समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सी.आर.सी.), भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उनके पुनर्वास के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण और परामर्श शिविर का आयोजन जे.एन.एस. शासकीय महाविद्यालय शुजालपुर में किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा आयुष विभाग मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि दिव्यांगजनों को कोई न कोई रोजगार प्रदान करवाना सरकार का उद्देश्य है और मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय को रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए निर्देशित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को अपनी इच्छा शक्ति प्रबल रखनी चाहिए। हम उन्हें ऐसे छोटे-छोटे कार्यों हेतु प्रशिक्षित करना चाहते हैं जिससे वह कुछ रोजगार पा सके और उनके मन में यह भावना आए कि मैं परिवार पर बोझ नहीं हूं बल्कि उनके मन में यह विश्वास हो कि मैं भी कुछ कर सकता हूं, अपने परिवार को संबल दे सकता हूं। परमार ने कहा कि इस प्रकार का एक छोटा सा प्रयास सरकार के द्वारा आज शुजालपुर में कर रहे हैं। यह प्रयास एक सेवा है, हमारी जिम्मेदारी है। इस शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों का परीक्षण कर प्रमाण पत्र देना, उनको सहायता उपकरण उपलब्ध करवाने का कार्य भारत सरकार के साथ साथ हमारी मध्य प्रदेश सरकार भी करती है। उन्होंने कहा कि जो दिव्यांगजन शुजालपुर के कोने-कोने से यहां आए हैं, हमारे जनपद पंचायत की टीम उनका सर्वे करेगी, उनकी अनुशंसा पर सरकार से एवं जन सहयोग से भी रोजगार से जोड़ने का प्रयास करेंगे। दिव्यांगजनों को मन से यह भाव निकालने की जरूरत है कि हम कमजोर हैं l हमें जरूरत है जज्बे के साथ आगे बढ़ने की, सरकार आपकी सहायता के लिए तत्पर है। किसी भी काम को छोटा ना समझें जो रोजगार का साधन है, वह सर्वश्रेष्ठ कार्य है। इंदर सिंह परमार ने इस अवसर पर महाविद्यालय में आयोजित शिविर का निरीक्षण कर दिव्यांनगजनों एवं विशेषज्ञों से चर्चा की तथा दिव्यांगजनों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी और उन समस्याओं के निराकरण हेतु संबंधित सरकारी विभागों के अधिकारियों को समुचित निर्देश दिए।

कार्यक्रम में इसके पूर्व मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय के विशेष शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. हेमंत सिंह केशवाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस शिविर के पूर्व में भी हमने दिनांक 16 जनवरी को आंगनवाड़ी, आशा स्वापस्य्सु कार्यकर्ता, शिक्षकों, विशेष शिक्षकों तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया था। आज के शिविर में सहायक उपकरणों के लिए रजिस्ट्रेशन होगा तथा जिनका विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र नहीं बना है, उनका परीक्षण कर कार्ड बनाने हेतु रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। शिविर में चिन्हांककित किये गये दिव्यांागजनों को अगले शिविर में सहायक उपकरण प्रदान किये जाने का प्रयास किया जायेगा। इस शिविर को सफल बनाने हेतु में शाजापुर शासन-प्रशासन द्वारा डॉ. संजय खण्डयवाल, डॉ. किरण आठिया, डॉ. तेजपाल सिंह जादौन, डॉ. रविद्र गुप्ता , डॉ. क्षितिज के. मुरारीमुरारी, मनीष माहेश्ववरी, शिवचरण कुशवाह, गोविन्दा रेकवार जिला मेडिकल बोर्ड की टीम एवं मुख्यु कार्यपालन अधिकारी शुजालपुर डी. आर. एस. राणा का जनपद टीम के साथ सक्रिय सहयोग रहा।
इस शिविर में दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसी प्रकार दिव्यांगजनों को सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की सुविधाओं के संबंध में भी एक सत्र रहा, एक अन्य सत्र में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 पर विस्तार से समझाया गया। शिविर में 36 दृष्टिबाधित, 64 श्रवण बाधित, 68 शारीरिक दिव्यां6गता, 25 बौद्धिक दिव्यां्गता आदि इस प्रकार कुल लगभग 193 दिव्यांगगजनों का UDID हेतु पंजीयन किया गया तथा लगभग 40 दिव्यांरगजनों को उपकरण प्रदान हेतु चिन्हित किया गया। शिविर में शुजालपुर के अलग-अलग हिस्सों से आए दिव्यांगजन एवं उनके परिजन भारी संख्या में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में धन्यवादज्ञापन शुजालपुर शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी और वकील हेमंत सक्सेना द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय के विशेष शिक्षक सुरेन्द्र कुमार गौतम द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सी.आर.सी.), भोपाल के निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार तथा शासकीय जवाहरलाल नेहरू स्मृति कॉलेज शुजालपुर के प्राचार्य डॉ. राजेश शर्मा एवं शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
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