सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ दिल्ली : इंडियन स्कूल ऑफ डेवलपमेंट मैनेजमेंट (ISDM) ने 8 अक्टूबर को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में Dialogues on Development Management (DoDM) 2026 के चौथे संस्करण की मेजबानी की। “What Makes Social Change Last?” यानी सामाजिक बदलाव को टिकाऊ क्या बनाता है, इस थीम पर आयोजित कार्यक्रम में बिजनेस, सार्वजनिक नीति, परोपकार, जमीनी विकास और सामाजिक क्षेत्र के संगठनों से जुड़े नेतृत्वकर्ताओं और पेशेवरों ने हिस्सा लिया।

चर्चा का केंद्र विकास पहलों के सामने खड़ी वही चुनौती रही, जिसमें कार्यक्रम और सुधार शुरुआती नतीजे तो दे देते हैं, लेकिन फंडिंग साइकल, नेतृत्व में बदलाव और संगठनात्मक संक्रमण के बाद उनके असर को बनाए रखना कठिन होता है। कार्यक्रम में यह देखा गया कि संस्थाएं, सरकारी तंत्र, फंडिंग के तरीके और प्रभाव मापने की प्रक्रियाएं सामाजिक बदलाव को अधिक टिकाऊ बनाने में कैसे मदद कर सकती हैं।

कार्यक्रम में चर्चा के चार व्यापक क्षेत्र रहे – गवर्नेंस, सरकारी सिस्टम, फंडिंग और इम्पैक्ट। सत्रों में इस बात पर विचार हुआ कि संगठन नेतृत्व और जवाबदेही को कैसे मजबूत कर सकते हैं, सरकारों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी कैसे बना सकते हैं, जमीनी संस्थाओं को किस तरह सहयोग दे सकते हैं और ऐसी फंडिंग पद्धतियां कैसे विकसित कर सकते हैं जो लंबी अवधि के काम को संभव बनाएं।

एक प्रमुख चर्चा स्कूली शिक्षा सुधारों से मिले सबक पर केंद्रित रही। इसमें नेतृत्व, मिशन संरचनाओं, राज्य-स्तरीय क्रियान्वयन और फीडबैक तंत्र की भूमिका पर बात हुई, ताकि पहलों को सरकारी सिस्टम के भीतर स्थायी रूप से शामिल किया जा सके। अन्य सत्रों में संगठनात्मक उद्देश्य और फंडर की अपेक्षाओं के बीच संतुलन तथा तात्कालिक कार्यक्रम परिणामों से आगे जाकर नतीजों को मापने की चुनौतियों पर चर्चा हुई।

इस आयोजन में Capgemini India के Non-Executive Chairman Ashwin Yardi, Mann Deshi Foundation और Mann Deshi Mahila Bank की संस्थापक Chetna Sinha तथा ISDM के Founder and President Ravi Sreedharan सहित कई वक्ता शामिल हुए। उनकी भागीदारी से कॉरपोरेट नेतृत्व, जमीनी विकास और सामाजिक क्षेत्र में संस्थान निर्माण से जुड़े अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए।

प्लेनरी चर्चाओं के साथ DoDM 2026 में मास्टरक्लास, शोध प्रस्तुतियां, डेवलपमेंट मैनेजमेंट केस स्टडी और विशेषज्ञ परामर्श भी शामिल रहे। इन सत्रों का उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक चुनौतियों की पड़ताल, अनुभवों के आदान-प्रदान और सामाजिक उद्देश्य वाले संगठनों की प्रभावशीलता बढ़ाने के उपायों पर विचार का अवसर देना था।

DoDM 2026 के माध्यम से ISDM ने विकास परिणामों को टिकाए रखने के लिए जरूरी प्रबंधन प्रक्रियाओं और संस्थागत क्षमताओं पर संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिश की। कार्यक्रम में यह रेखांकित किया गया कि समुदायों, सरकारों, फंडर्स और सामाजिक क्षेत्र के संगठनों के बीच सहयोग से ही सार्थक बदलाव व्यक्तिगत परियोजनाओं और अल्पकालिक हस्तक्षेपों से आगे जारी रह सकता है।


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